प्रधानमंत्री मोदी, फोटो- सोशल मीडिया
West Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार का दिन बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता के उसी ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड पर उतरने जा रहे हैं, जो दशकों से बड़े राजनीतिक उलटफेरों का गवाह रहा है।
माना जा रहा है कि अगले ही हफ्ते चुनाव आयोग विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर सकता है, ऐसे में पीएम मोदी का यह दौरा राज्य में चुनावी बिगुल फूंकने जैसा है। इस दौरे के दौरान वे न केवल बंगाल की जनता को ₹18,680 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात देंगे, बल्कि भाजपा के प्रदेशव्यापी ‘परिवर्तन यात्रा’ अभियान का समापन भी करेंगे।
कल होने वाले कार्यक्रमों का सबसे बड़ा हिस्सा बुनियादी ढांचे के विकास को समर्पित है। पीएम मोदी लगभग 16,990 करोड़ रुपये की लागत वाली नेशनल हाईवे परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसमें सबसे प्रमुख खड़गपुर-मोरग्राम इकोनॉमिक कॉरिडोर है, जिसकी कुल लंबाई 231 किलोमीटर होगी। इस कॉरिडोर के तैयार होने से न केवल पश्चिम बंगाल के भीतर आवाजाही आसान होगी, बल्कि झारखंड के साथ कनेक्टिविटी बेहतर होने से स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को एक नई गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री रेलवे क्षेत्र में भी राज्य को बड़ी उपलब्धियां सौंपने वाले हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत नए रूप में विकसित किए गए 6 रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया जाएगा। इन स्टेशनों को इस तरह तैयार किया गया है कि यात्रियों को वहां एयरपोर्ट जैसी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिल सकें। इसके अलावा, बंदरगाह और जहाजरानी क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं की नींव भी इसी कार्यक्रम के दौरान रखी जाएगी, जो बंगाल के समुद्री व्यापारिक सामर्थ्य को बढ़ाएगी।
भाजपा के लिए यह रैली राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 1 मार्च से शुरू हुई ‘परिवर्तन यात्रा’ का समापन बिंदु है। यह यात्रा प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में करीब 10,000 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी है। पार्टी नेताओं का मानना है कि इस मुहिम से बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा है और संगठन पहले से अधिक मजबूत हुआ है। साल 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद इस ऐतिहासिक मैदान पर प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली बड़ी जनसभा होगी, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।
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प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा एक ऐसे संवेदनशील समय में हो रहा है जब बंगाल की वोचर लिस्ट में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। आंकड़ों के अनुसार, लिस्ट से करीब 63.66 लाख नाम हटा दिए गए हैं, जो कुल वोटर्स का लगभग 8.3 प्रतिशत हिस्सा है। इस बड़ी कटौती के बाद अब बंगाल में मतदाताओं की संख्या घटकर लगभग 7.04 करोड़ रह गई है, जबकि करीब 60 लाख अन्य नामों की अभी कानूनी जांच चल रही है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस मुद्दे पर पहले से ही बयानबाजी जारी है।