ममता दीदी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, दवाओं की मूल्य वृद्धि के फैसले पर की ये अपील

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आवश्यक दवाओं की कीमतों में वृद्धि को लेकर चिंता जताई है। बता दें ममता बनर्जी ने इस बारे में चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो पन्ने का पत्र लिखी है।
ममता दीदी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, दवाओं की मूल्य वृद्धि के फैसले पर की ये अपील
ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आवश्यक दवाओं की कीमतों में वृद्धि को लेकर चिंता जताई है। बता दें ममता बनर्जी ने इस बारे में चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो पन्ने का पत्र लिखी है। उन्होंने अपने पत्र में नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) द्वारा आवश्यक दवाओं की कीमतों के संशोधन के बारे में चर्चा की है।

ममता बनर्जी ने पत्र में कहा है कि संबंधित मंत्रालय को इस फैसले पर तत्काल पुनर्विचार करने का निर्देश दिया जाए। बनर्जी ने प्रधानमंत्री को लिखे दो पन्नों के पत्र में कहा है कि नागरिकों का कल्याण सर्वोच्च महत्व वाला है। मैं आपसे आग्रह करती हूं कि आम लोगों के स्वास्थ्य और कुशलता के व्यापक हित में मूल्य वृद्धि के निर्णय पर तुरंत पुनर्विचार करने के लिए संबंधित मंत्रालय को निर्देश जारी करें।

शायद, हमारा उद्देश्य एक संतुलित दृष्टिकोण को बनाए रखना होना चाहिए जो वाणिज्यिक व्यवहार्यता और नागरिकों के लिए किफायती स्वास्थ्य सेवा के अधिकार, दोनों का सम्मान करता हो। नागरिकों का कल्याण सर्वोपरि है, और यह महत्वपूर्ण है कि सभी हितधारक इस प्रतिबद्धता को दर्शाने के लिए समरूप नीतियां बनाएं।

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने अपनी दो पन्नों के लिखे पत्र में आगे यह भी कहा कि मुझे यकीन है कि आप इस बात पर सहमत होंगे कि अनपेक्षित दवाओं पर वृद्धि से किफायती स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने वाले राज्यों और पूरे देश के प्रयासों के लिए एक बड़ी चुनौती पैदा कर सकते हैं। यह चिकित्सा से अनिवार्य सेवाओं की पहुंच में बाधा डाल सकता है, जिसके कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणाम पर असर पड़ेगा और स्वास्थ्य प्रणालियों पर बोझ बढ़ जाएगा।

आपको जानकारी के लिए बताते चलें कि NPPA ने हाल ही में आठ दवाओं के 11 निर्धारित फॉर्मूलेशन की मूल्य सीमा में 50 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी थी। इनमें अधिकतर दवाएं किफायती हैं और आमतौर पर दमा, ग्लूकोमा, थैलेसेमिया, टीबी और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी डिसऑर्डर्स के इलाज में काम आती हैं।

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