'बाबरी तो बनकर रहेगी, दम है तो रोक लो', हुमांयू का सरकार को अल्टीमेटम; जमीन का सीक्रेट प्लान तैयार?

West Bengal politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त घमासान मचा हुआ है, इसी बीच TMC से निष्कासित MLA ने अब पार्टी को खुला चैलेंज दे दिया है। उन्होंने कहा कि बाबरी की नींव तो वो रखकर ही रहेंगे।
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बाबरी बनके रहेगी देखते हैं कोन रोकेगा? हुमांयू का सरकार को खुला चैलेंज (फोटो- सोशल मीडिया)
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Humayun Kabir TMC MLA Challenge Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित विधायक हुमांयू कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधी चुनौती दे दी है। अपने बगावती तेवरों के लिए मशहूर कबीर ने ऐलान किया है कि वे प्रशासन की परवाह किए बिना मस्जिद की नींव रखेंगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर सरकार या किसी एजेंसी में हिम्मत है, तो उन्हें रोक कर दिखाए। हुमांयू कबीर के इस बयान ने राज्य के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है और यह स्पष्ट कर दिया है कि वे अब पीछे हटने वाले नहीं हैं।

मीडिया से बातचीत के दौरान हुमांयू कबीर ने अपने भविष्य के प्रोजेक्ट का पूरा खाका खींचा। उन्होंने बताया कि यह निर्माण केवल एक धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 25 बीघा जमीन पर एक विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। उनके प्लान के मुताबिक, इस जगह पर एक भव्य इस्लामिक हॉस्पिटल, मुसाफिरखाना, होटल कम रेस्टोरेंट और यहां तक कि एक हेलीपैड और मेडिकल कॉलेज भी बनाया जाएगा। कबीर ने कहा कि उन्होंने नींव रखने का फैसला कर लिया है और सारी चीजों का खुलासा वक्त आने पर किया जाएगा, लेकिन काम नहीं रुकेगा।

'रोकेगा कौन, 2026 में ममता नहीं होंगी सीएम'

हुमांयू कबीर के तेवर यहीं नरम नहीं पड़े। उन्होंने मुर्शिदाबाद में अपनी पकड़ का हवाला देते हुए प्रशासन को सीधे ललकारा है। उन्होंने कहा कि थोड़ा समय दीजिए, कोई चिंता मत कीजिए, आने वाले दिनों में ये सब काम करवाकर दिखाएंगे। कबीर ने गरजते हुए पूछा कि मुर्शिदाबाद में हुमांयू कबीर को कौन रोकेगा? मैं उन्हें रोकने का चैलेंज करता हूं। इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ी और कड़वी राजनीतिक भविष्यवाणी भी कर दी। कबीर ने दावा किया कि 2026 में ममता बनर्जी दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनेंगी और शपथ नहीं ले पाएंगी। उन्होंने कहा कि उन पर जल्द ही पूर्व मुख्यमंत्री का तमगा लगने वाला है।

22 दिसंबर को नई पार्टी और इस्तीफे का ऐलान

अपनी अगली रणनीति का खुलासा करते हुए निलंबित विधायक ने बताया कि वे 22 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में एक नए राजनीतिक संगठन की शुरुआत करेंगे। हालांकि उन्हें अभी तक निलंबन का कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है, लेकिन वे खुद ही शुक्रवार या सोमवार तक विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे। कबीर ने ऐलान किया है कि उनका नया संगठन अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत दिखाएगा और कुल 294 में से 135 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगा। उन्होंने टीएमसी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि वह धर्मनिरपेक्ष राजनीति के नाम पर दोहरे मापदंड अपना रही है। कबीर ने अपनी ही पुरानी पार्टी पर अल्पसंख्यकों को मूर्ख बनाने और आरएसएस-भाजपा के साथ मिलीभगत करने का गंभीर आरोप भी लगाया।

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