जितनी जल्दी खत्म हो उतना बेहतर...दिलीप घोष का ममता बनर्जी पर हमला, कहा- बंगाल की सबसे बड़ी समस्या थी टीएमसी

Dilip Ghosh Statement: कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष ने टीएमसी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और कहा कि यह जितनी जल्दी यह खत्म हो जाए, उतना बेहतर है। लूट के आधार पर ही टीएमसी पार्टी का गठन हुआ था।
"The sooner it ends, the better," said Dilip Ghosh—"TMC was Bengal's biggest problem."'
दिलीप घोष (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Dilip Ghosh Accuses TMC of Corruption: पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने टीएमसी पर तीखा हमला करते हुए इसे लूट और भ्रष्टाचार की बुनियाद पर बनी पार्टी बताया है। घोष ने कहा कि यह जितनी जल्दी खत्म हो जाए, उतना बेहतर होगा। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी में असंतोष बढ़ रहा है, कुछ नेता भाजपा में शामिल होना चाहते है लेकिन उनके लिए फिलहाल पार्टी के दरवाजे बंद हैं।

लूट के आधार पर हुआ गठन

पश्चिम बंगाल सरकार में कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि टीएमसी का गठन ही लूट के आधार पर हुआ था। यह पार्टी जितनी जल्दी खत्म हो जाए, उतना ही अच्छा है। ऐसी और भी पार्टियां है जो टीएमसी के साथ ही जल्द से जल्द खत्म हो जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि टीएमसी सिर्फ भ्रष्टाचार की बुनियाद पर खड़ी हुई थी। हमने पहले ही कहा था कि जिस दिन टीएमसी हारेगी, उसी दिन पार्टी अस्तित्व भी खत्म हो जाएगा।

अंदरूनी कलह का किया जिक्र

घोष ने पार्टी की अंदरूनी कलह का जिक्र करते हुए बताया कि टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने एक बैठक बुलाई थी, लेकिन उस बैठक में पार्टी का कोई नेता और कार्यकर्ता नही पहुंचा। वे क्यों नहीं आए? यह तो देखना ही होगा लेकिन ये मेरी जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता ने हमें विकास कार्यों के लिए सत्ता सौंपी है और मैं उसी की देखभाल कर रहा हूं। विपक्ष क्या करेगा, यह वे खुद तय करेंगे।

पार्टी का दरवाजा पूरी तरह बंद

टीएमसी विधायकों के भाजपा में शामिल होने की दिलचस्पी पर दिलीप घोष ने स्पष्ट कहा कि पार्टी का दरवाजा पूरी तरह बंद है। मुझे पता था कि टीएमसी के लोग भाजपा में शामिल होने के लिए इच्छुक है लेकिन मैने पार्टी का दरवाजा कस कर बंद कर दिया। अब कोई गलती से भी अंदर नही आएगा, क्योंकि मुझे पहले नुकसान उठाना पड़ा है। इसलिए अभी तक दरवाजा बंद है। देखते हैं भविष्य में क्या होता है। भाजपा में शामिल होने के लिए कई आवेदन आ रहे हैं।

पंचायत व्यवस्था देश की एक बहुत पुरानी व्यवस्था

दिलीप घोष ने पंचायत व्यवस्था पर कहा कि पंचायत देश की प्राचीन काल से ही चली आ रही एक बहुत पुरानी व्यवस्था है। इसके माध्यम से गांव की समस्याओं का समाधान किया जाता रहा है और गांव का विकास होता रहा है। यह परंपरा चली आ रही है..और चलती रहेगी। पहले 'पंच प्रधान' हुआ करते थे। आज पंचायतें हैं। चार अलग-अलग जातियों से चार लोग आते थे। वे आदिवासी समुदाय से भी आते थे। ये लोग गांव की देखभाल करते थे, समस्याओं को सुलझाते थे और विकास करते थे।”

बंगाल की सबसे बड़ी समस्या टीएमसी खुद

दिलीप घोष ने बंगाल की समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में कई चुनौतियां हैं, लेकिन बंगाल की सबसे बड़ी समस्या टीएमसी खुद थी। इसे लोगों ने संभाल लिया है, बाकी समस्याओं का समाधान हम करेंगे।

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