बीजेपी ने तैयार किया मिशन बंगाल...फरवरी के साइलेंट पीरियड का करेगी पूरा इस्तेमाल, मार्च में करेगी ये बड़ा काम

BJP Strategy : पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने तीन महीनों के लिए चुनावी रणनीति बनाई है। इसमें फरवरी के साइलेंट पीरियड में बूथ संगठन को मजबूत करने और मार्च में राज्यभर में परिवर्तन यात्राएं शामिल हैं।
BJP prepares for Mission Bengal...will make full use of February silent period, will undertake this major task in March
पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बंगाल की सीएम ममता बनर्जी।
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BJP Strategy For West Bengal Elections 2026 : पश्चिम बंगाल में चुनावी बिगुल बजने ही वाला है। भाजपा ने इस बार ममता बनर्जी के विकल्प के रूप में खुद को पेश करने को पूरा जोर लगाया है। सूत्रों की मानें तो पार्टी ने अगले 90 दिनों के लिए ऐसी त्रिस्तरीय रणनीति बनाई है, जिसमें संगठन की मजबूती, जनसंपर्क और परिवर्तन का संकल्प शामिल हैं।

बंगाल में फरवरी का महीना बोर्ड परीक्षाओं (10वीं और 12वीं) के कारण शांति काल माना जाता है, जहां लाउडस्पीकर और बड़ी रैलियों पर रोक रहती है। भाजपा इस समय का उपयोग किसी शोर-शराबे के बजाय सर्जिकल स्ट्राइक की तरह बूथ लेवल पर करेगी।

81 हजार से 1 लाख बूथों की तैयारी

चुनाव आयोग द्वारा बूथों के पुनर्गठन के बाद भाजपा की नजर हर एक बूथ पर है। 14 फरवरी को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद पार्टी एक-एक वोटर का गणित सुलझाएगी। 81 हजार से 1 लाख बूथों की तैयारी की है। भाजपा ने बड़ी रैलियों की जगह बंगाल की मशहूर अड्डा संस्कृति को अपनाया है। छोटे समूहों में बैठकें कर लोगों को टीएमसी सरकार के खिलाफ अपनी बात रखने का मंच दिया जा रहा है।

6 जोन और दिग्गज सारथी

भाजपा ने बंगाल को 6 रणनीतिक क्षेत्रों (जोन) में बांटा है। हर जोन की कमान केंद्रीय नेताओं और आरएसएस समन्वयकों के हाथ में है। पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह की लगातार रैलियों के बाद अब सांसदों और विधायकों को जमीन पर उतारा गया है। डेढ़ हजार जनसंपर्क सभाओं के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भर रही है। पार्टी ने 294 सीटों में से 162 सीटों को प्राथमिकता सूची में रखा है, जहां वह पूरी ताकत झोंक देगी।

परिवर्तन यात्रा से कोलकाता फतेह का रास्ता

मार्च में भाजपा की परिवर्तन यात्राएं पूरे बंगाल को मथने निकलेंगी। अमित शाह, राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ जैसे दिग्गज इन यात्राओं को हरी झंडी दिखाएंगे। सभी यात्राओं का संगम कोलकाता में एक विशाल रैली के रूप में होगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित कर सकते हैं।

व्यक्ति नहीं, व्यवस्था पर वार

भाजपा ने इस बार रणनीति में बदलाव किया है। पार्टी ममता बनर्जी पर व्यक्तिगत हमले करने के बजाय उनकी सरकार की विफलताओं, जैसे- भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा और हिंदुत्व के मुद्दों को ढाल बना रही। सुवेंदु अधिकारी और सुकांत मजूमदार जैसे स्थानीय चेहरे इस लड़ाई को घर-घर तक ले जा रहे हैं।

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