Bengal Boat Tragedy: बंगाल की खाड़ी में पलटी नाव, 9 मछुआरों की मौत और 6 लापता, पीएम ने किया मुआवजा का ऐलान
Bengal Boat Tragedy: बंगाल की खाड़ी में 15 मछुआरों से भरी एक नौका के डूबने से भयंकर हादसा हुआ है। इस दर्दनाक घटना में नौ मछुआरों के शव बरामद हुए हैं जबकि छह मछुआरे अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
- Written By: प्रिया सिंह
बंगाल नाव डूबी 9 मछुआरों की मौत 6 मछुआरे लापता (सोर्स-सोशल मीडिया)
Fatal Bengal Boat Tragedy News: बंगाल की खाड़ी में एक बहुत ही दर्दनाक और भयंकर नाव हादसा सामने आया है जिसने पूरे देश को झकझोर दिया है। सोमवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना तट के पास समुद्र में एक मछली पकड़ने वाला ट्रॉलर अचानक पलट गया। इस भयंकर समुद्री दुर्घटना में 15 मछुआरों से भरी नौका गहरे पानी में डूब गई जिससे भारी तबाही हुई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति ने इस बेहद दुखद घटना पर अपना गहरा शोक व्यक्त किया है।
हादसे की सूचना मिलते ही तटरक्षक बल और स्थानीय पुलिस ने मिलकर बहुत बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया। लगातार आठ दिनों तक चले इस गहन खोज अभियान के बाद डूबे हुए ट्रॉलर को समुद्र से बाहर निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार ट्रॉलर के अंदर से नौ मछुआरों के शव बरामद किए गए हैं जबकि छह अन्य अभी भी लापता हैं। प्रशासन और गोताखोरों की टीम लापता लोगों की तलाश के लिए अपना राहत और बचाव कार्य अभी भी लगातार चला रही है।
आठ दिन बाद मिला नौका का मलबा
‘जय मां काली’ नाम का यह ट्रॉलर दो जुलाई को पूर्व मेदिनीपुर जिले के शंकरपुर मछली बंदरगाह से समुद्र में गया था। यह ट्रॉलर कुल 15 मछुआरों को लेकर मछली पकड़ने के लिए निकला था लेकिन छह जुलाई के बाद इसका संपर्क टूट गया। आठ दिन की कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार को पुलिस ने बक्खाली तट से 35 किलोमीटर दूर इसका मलबा खोज निकाला। रविवार को कई अन्य ट्रॉलरों की मदद से इसे खींचकर पाथरप्रतिमा के सीतारामपुर तट तक बहुत सावधानी से लाया गया है।
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पीएम मोदी ने किया मुआवजे का एलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भयंकर हादसे पर गहरा दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि दक्षिण 24 परगना जिले में नाव दुर्घटना में लोगों की जान जाना बहुत ही ज्यादा दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजन को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि तुरंत दी जाएगी। इसके साथ ही इस हादसे में घायल हुए लोगों के अच्छे इलाज के लिए 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
खराब मौसम बना हादसे की बड़ी वजह
दक्षिण 24 परगना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि खराब मौसम के कारण यह हादसा हुआ। बंगाल की खाड़ी में बहुत तेज हवाओं और खराब मौसम का सामना करने के बाद यह ट्रॉलर अपना संतुलन खोकर पलट गया होगा। हालांकि हादसे के सही और सटीक कारणों का पता पूरी जांच होने के बाद ही स्पष्ट रूप से चल सकेगा। शव बहुत अधिक सड़ चुके हैं इसलिए उनकी पहचान करने के लिए प्रशासन द्वारा डीएनए जांच का सहारा लिया जा रहा है।
लापता मछुआरों में ओडिशा के निवासी
इस नाव में 15 मछुआरों में से तीन पड़ोसी राज्य ओडिशा के बालासोर जिले के रहने वाले सगे भाई थे। इनमें 52 वर्षीय रवींद्र माझी, 49 वर्षीय जयराम माझी और 45 वर्षीय जगन्नाथ माझी शामिल हैं जो काम के लिए शंकरपुर गए थे। बाकी मृतक और लापता मछुआरे पूर्व मेदिनीपुर, हावड़ा और नदिया जिलों के मूल निवासी बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और अस्पताल की मोर्चरी के बाहर उनके परिजन मौजूद हैं और सरकार इन शोकाकुल परिवारों की हरसंभव सहायता कर रही है।
