बंगाल के बारानगर में अचानक ऐसा क्या हुआ कि बुलानी पड़ी भारी फोर्स? सड़कों पर भिड़े BJP-TMC कार्यकर्ता

West Bengal Assembly Elections: पश्चिम बंगाल के बारानगर में बीजेपी और टीएमसी समर्थकों के बीच पोस्टर फाड़ने को लेकर झड़प हुई। सजल घोष और सायंतिका बंद्योपाध्याय के बीच जुबानी जंग तेज।
What suddenly happened in Baranagar, Bengal, that necessitated the deployment of heavy forces? BJP and TMC workers clashed on the streets.
सड़कों पर भिड़े BJP-TMC कार्यकर्ता (सांकेतिक तस्वीर)
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BJP TMC clash: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बारानगर में शनिवार को चुनाव प्रचार से जुड़े पोस्टर और होर्डिंग फाड़े जाने के आरोप में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने बताया कि यह घटना टोबिन रोड चौराहे पर उस समय हुई जब बीजेपी उम्मीदवार सजल घोष और टीएमसी प्रत्याशी सायंतिका बंद्योपाध्याय वहां मौजूद थे।

नारेबाजी के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और हालात को संभालने में पुलिस व केंद्रीय बलों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। दोनों पक्षों के सैकड़ों समर्थक मौके पर जमा हो गए और आमने-सामने आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ओर से जोरदार नारेबाजी हुई, जिससे तनाव और बढ़ गया। पोस्टर, होर्डिंग और फ्लेक्स फाड़ने को लेकर शुरू हुई बहस धीरे-धीरे मारपीट में बदल गई। दोनों ही पक्षों ने हिंसा के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया।

BJP पर हमला करने का आरोप

इस घटना पर टीएमसी प्रत्याशी सायंतिका बंद्योपाध्याय ने आरोप लगाया कि घोष बाहरी लोगों और असामाजिक तत्वों को साथ लेकर आए और इलाके की शांतिपूर्ण स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया, लेकिन वे इसका शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे। वहीं, बीजेपी उम्मीदवार सजल घोष ने पलटवार करते हुए कहा कि बंद्योपाध्याय के नेतृत्व में टीएमसी समर्थकों ने बीजेपी के चुनावी पोस्टर और होर्डिंग फाड़े और उनके कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का प्रयास किया।

सुरक्षा बल तैनात

करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद सुरक्षा बलों ने स्थिति को काबू में कर लिया और भीड़ को तितर-बितर किया। इस दौरान बीटी रोड और टोबिन रोड चौराहे पर लंबे समय तक यातायात प्रभावित रहा।

पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए मतदान दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। वहीं, असम, केरल, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हो रहे विधानसभा चुनावों में 18 से 29 वर्ष के युवा मतदाता अहम भूमिका निभा सकते हैं, जिनकी हिस्सेदारी करीब 20 से 30 प्रतिशत के बीच है।

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