अभिषेक बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें, 'सेवाश्रय हेल्थ कैंप' मामले में दूसरी FIR दर्ज; कई नेता बने आरोपी

Bengal Politics: सेवाश्रय हेल्थ कैंप मामले में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस बिना मंजूरी हेल्थ कैंप चलाने, नियमों के उल्लंघन और फंडिंग की जांच कर रही है।
Trouble mounts for Abhishek Banerjee, with a second FIR filed in the 'Sevashraya Health Camp' case; several leaders named as accused.
अभिषेक बनर्जी (सोर्स-सोशल मीडिया)
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TMC Abhishek Banerjee FIR Sevashray Health Camp: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पश्चिम बंगाल में चर्चित 'सेवाश्रय हेल्थ कैंप' मामले में उनके खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला बिष्णुपुर पुलिस स्टेशन में स्थानीय भाजपा नेता अभिजीत दास की शिकायत पर दर्ज हुआ है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट, प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्नीक्स एक्ट समेत कई कानूनों की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

दरअसल इस एफआईआर में अभिषेक बनर्जी के अलावा उनके पूर्व एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट सुमित रॉय, टीएमसी नेता जहांगीर खान, पूर्व विधायक दिलीप मंडल और कई अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि 'सेवाश्रय' और 'सेवाश्रय-2' हेल्थ कैंप बिना आवश्यक सरकारी मंजूरी के आयोजित किए गए, जहां दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों का कथित तौर पर नियमों के विपरीत इस्तेमाल किया गया। पुलिस का कहना है कि हेल्थ कैंप की फंडिंग, आयोजन और संचालन की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है। इससे पहले 2 जुलाई को भी इसी मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई थी।

सेवाश्रेय हेल्थ कैंप के खिलाफ 16 मामले

आपको बता दें कि सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के लोगों को मुफ्त इलाज देने के लिए 'सेवाश्रय' पहल शुरू की थी। बाद में, यह पहल राज्य भर में अन्य जगहों पर भी आयोजित की गई। तो वहीं पुलिस के अनुसार, 'सेवाश्रय' और 'सेवाश्रय 2' हेल्थ कैंप के खिलाफ 16 शिकायतें हैं।

कई धाराओं में मामला दर्ज

इसके आधार पर, बिष्णुपुर पुलिस स्टेशन ने शनिवार रात भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्नीक्स एक्ट, 1994, नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट, 2019 और वेस्ट बंगाल क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट्स (रजिस्ट्रेशन, रेगुलेशन एंड ट्रांसपेरेंसी) एक्ट, 2017 की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की।

आरोपियों की लिस्ट में बनर्जी का नाम सबसे ऊपर है। एफआईआर में कई और नाम भी शामिल हैं। सुमित रॉय और टीएमसी नेता जहांगीर खान के अलावा पूर्व तृणमूल विधायक दिलीप मंडल का नाम भी एफआईआर में आरोपी के तौर पर दर्ज है।

कई TMC नेताओं के नाम शामिल

तो वहीं इस मामले में अयन घोष दस्तीदार, शमीम अहमद, गौतम अधिकारी, महबूबुर गायेन, नबकुमार बेटल, बबन गाजी और कई संगठनों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने साथ ही कुछ अज्ञात आयोजकों, डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और सरकारी कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया है। हेल्थ कैंप आयोजित करने के लिए फंड के स्रोत की जांच की जा रही है। आरोपियों में से जहांगीर खान और दिलीप मंडल को अलग-अलग मामलों में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

पहले भी दर्ज हो चुकी है FIR

पुलिस जांच के अनुसार, इस मामले की चार्जशीट में अभिषेक बनर्जी को हेल्थ कैंप का मुख्य आयोजक बताया गया है। कहा गया की एक सार्वजनिक हस्ती के तौर पर वे इस कार्यक्रम की योजना बनाने, प्रबंधन और उसे लागू करने में शामिल थे।

इसलिए, उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पहली एफआईआर 2 जुलाई को डायमंड हार्बर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। शिकायत करने वालों का आरोप है कि हेल्थ कैंप आयोजित करने में किसी भी नियम का पालन नहीं किया गया और कई का उल्लंघन किया गया। यह कैंप बिना जरूरी मंजूरी के आयोजित किया गया था।

भाजपा नेता की शिकायत पर कार्रवाई

भाजपा नेता अभिजीत दास ने आरोप लगाते हुए कहा कि दवाइयों और मेडिकल उपकरणों के इस्तेमाल के लिए भी मंजूरी नहीं ली गई थी। इस तरह आम लोगों की जान जोखिम में डाली गई।

शिकायत करने वालों के अनुसार, बनर्जी और अन्य लोग एक आपराधिक साजिश में शामिल रहे हैं और उन्होंने अलग-अलग समय और जगहों पर बिना मंजूरी के मेडिकल सेंटर चलाए हैं। साथ ही शिकायतकर्ता ने धोखाधड़ी, जालसाजी, गैर-कानूनी तरीके से सेवाएं देने और दवाइयों व डायग्नोस्टिक उपकरणों के गैरकानूनी इस्तेमाल का आरोप लगाया है।

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