West Bengal Politics: NCPI में 20 सांसदों के विलय पर लगी मुहर, पार्टी ने जारी की आधिकारिक लिस्ट

West Bengal Politics: एनसीपीआई ने टीएमसी के 20 सांसदों के विलय की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। पार्टी ने बताया कि सभी सांसद अब औपचारिक रूप से एनसीपीआई का हिस्सा हैं।
West Bengal Politics: Merger of 20 MPs into NCPI confirmed; party releases official list.
काकोली घोष (सोर्स- IANS)
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NCPI Releases Merger List: पश्चिम बंगाल  की राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों के नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल होने के बाद पार्टी ने विलय को लेकर आधिकारिक सूचना जारी की है। पार्टी ने कहा कि विलय स्वीकार किए जाने के बाद ये सभी सांसद अब औपचारिक रूप से एनसीपीआई का हिस्सा बन गए हैं। पार्टी का दावा है कि इन नेताओं के शामिल होने से जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति उसका संकल्प और मजबूत होगा।

सायोनी घोष, यूसुफ पठान समेत ये सांसद शामिल

एनसीपीआई द्वारा जारी सूची में जिन सांसदों के नाम शामिल हैं, उनमें सुदीप बंद्योपाध्याय, डॉ. काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, माला रॉय, मिताली बाग, पार्थ भौमिक, अधिकारी दीपक देव, डॉ. शर्मिला सरकार, सायोनी घोष, बापी हलदार, कालीपद सारेन खेरवाल, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, प्रसून बनर्जी, अरूप चक्रवर्ती, असित कुमार मल, यूसुफ पठान, जून मालिया, खलीलुर रहमान, मोहम्मद अबू ताहेर खान और रचना बनर्जी शामिल हैं।

पार्टी संगठन को मिली मजबूती

पार्टी ने अपने बयान में कहा कि इन सभी सांसदों के जुड़ने से संगठन की जनसेवा की भावना को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही यह सामूहिक प्रयास देश के विकास और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

पिछले महीने ही चर्चा में आई NCPI

बता दें, नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल है, जो जून 2026 में राष्ट्रीय स्तर पर उस समय चर्चा में आया था, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 बागी सांसदों ने पार्टी में विलय की घोषणा की थी। इन सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ राजनीतिक रूप से जुड़ने के उद्देश्य से एनसीपीआई का दामन थामा था।

20 सांसदों के इस विलय को पश्चिम बंगाल की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर आने वाले समय में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।

एजेंसी इनपुट के साथ...

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