प्रेमी से शादी करना बना “सामाजिक मौत”, परिवार ने जिंदा बेटी का कर दिया अंतिम संस्कार

Living Daughter Funeral मध्य प्रदेश के विदिशा में प्रेम विवाह करने पर एक परिवार ने अपनी जिंदा बेटी को मरा मान लिया। आटे का पुतला बनाकर उसकी अर्थी सजाई गई और पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार कर दिया।
In Vidisha, a family performed the funeral of their living daughter after she chose to marry her lover.
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Love Marriage Controversy : मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों और सामाजिक सोच पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक युवती द्वारा प्रेमी से शादी करने का फैसला उसके लिए सामाजिक “मौत” बन गया। परिवार ने न सिर्फ उससे सारे रिश्ते तोड़ लिए, बल्कि जिंदा होते हुए भी उसे मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार तक कर दिया।

यह मामला शहर की चूना वाली गली का है, जहाँ कुशवाह परिवार की 23 वर्षीय बेटी सविता 13 दिसंबर को अचानक घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों से पूछताछ की और अंत में कोतवाली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

लड़की ने घरवालों के साथ रहने से किया इनकार

पुलिस की तलाश के बाद सविता को सुरक्षित बरामद कर परिजनों के सामने पेश किया गया, लेकिन यहीं से कहानी ने भावनात्मक मोड़ ले लिया। सविता ने साफ तौर पर बताया कि उसने अपने प्रेमी संजू मालवीय से शादी कर ली है और अब उसी के साथ रहना चाहती है।

यह सुनते ही परिवार सदमे में आ गया। बताया गया कि संजू, सविता के भाई का परिचित था और अक्सर घर आता-जाता था। सविता पढ़ी-लिखी है और ग्रेजुएशन कर चुकी है। परिवार में वह सबसे छोटी बेटी है। बावजूद इसके, परिजनों ने उसके फैसले को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

लड़की का आटे का पुतला बनाकर उठाई अर्थी 

बेटी के फैसले से आहत परिवार ने समाज के सामने खुद को अपमानित महसूस किया और एक कठोर कदम उठा लिया। शुक्रवार को परिजनों ने सविता को मृत मानते हुए आटे से उसका पुतला बनाया, अर्थी सजाई और गाजे-बाजे के साथ शहर में शव यात्रा निकाली।

इसके बाद श्मशान घाट जाकर विधि-विधान से चिता जलाई गई। पिता ने भावुक होते हुए कहा कि बेटी के फैसले ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है और उनके लिए वह अब नहीं रही। यह घटना बताती है कि आज भी समाज के कई हिस्सों में प्रेम, सम्मान और व्यक्तिगत आज़ादी के बीच टकराव किस कदर खतरनाक रूप ले सकता है।

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