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मौत के मुंह से युवक को बाहर खिंच लाई पुलिस
झांसी में डायल 112 ने पेश की मानवता की मिशाल
15 हजार के कर्जे से परेशान था युवक
The police Reached The Spot And Saved Live: कभी-कभी इंसान को जीने और जिंदगी की मुश्किलों से लड़ने से बेहतर खुद की जीवनलीला को खत्म करना ज्यादा आसान लगता है। कर्ज का बोझ जब इंसान की हिम्मत तोड़ने लगता है, तो कई बार उसे मौत को लगे लगाना आसान लगता है। आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से जूझ रहे एक युवक ने जब अपनी जिंदगी खत्म करने का फैसला कर बैठा, था तभी खाकी वर्दी उसके लिए देवदूत बनकर सामने आई।
पूरा मामला उत्तर प्रदेश के झांसी के बरुआसागर के तिलैथा खुर्द गांव का बताया जा रहा है। पीढ़ित मुकेश के भाई धर्मेंद्र रैंकवार ने बताया कि वह 15 हजार रुपये के कर्ज से परेशान था। रविवार शाम उसने मां गणेशी रैंकवार से पैसे मांगे थे, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण मां रकम नहीं दे पाईं। इसके बाद मुकेश को मुसीबत से निकलने का कोई हल न दिखा तो उसे अपनी जिंदगी को खत्म करना आसान लगा।
उत्तर प्रदेश पुलिस की डायल 112 की तत्परता और सूझबूझ से मुकेश को मौत के मुंह से बाहर निकाला गया। समय रहते पहुंची पुलिस ने युवक की जान बचाकर न केवल एक परिवार को उजड़ने से बचाया, बल्कि यह भी साबित किया कि पुलिस का काम सिर्फ कानून-व्यवस्था संभालना ही नहीं, बल्कि जरूरत के समय लोगों की जिंदगी बचाना भी है।
जानकारी के अनुसार, झांसी के बरुआसागर के तिलैथा खुर्द गांव का मुकेश कर्ज से परेशान होकर अपनी जीवनलीला को समाप्त करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान गांव के ही किसी व्यक्ति ने डायल 112 पर फोन कर पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए घटनास्थल की ओर रुख किया। मौके पर पहुंचने पर पुलिस को स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ। युवक कमरे के अंदर था और तत्काल मदद की जरूरत थी।
उत्तर प्रदेश पुलिस को जैसे सूचना मिली तत्काल हरकत में आई। युवक की जान बचाने के लिए पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ का परिचय दिया। जब सामान्य रास्ते से कमरे में पहुंचना मुश्किल हुआ, तो जवानों ने छत को तोड़ दिया। इसके बाद कमरे में प्रवेश कर आत्महत्या की कोशिश कर रहे युवक को सुरक्षित बचा लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।
खाकी केवल प्रशासन व्यवस्था और कानून को संभालने का काम नहीं करती बल्कि समय-समय पर मानवता और इंसानियत की मिशाल भी पेश करती है। कई ऐसे मौकों पर पुलिस मिशाल पेश करके खांकी के दूसरे रूप को भी सामने लाती हैं।