'अमेरिकन ड्रीम' के चक्कर में 8.4 करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा NRI कपल, अब सुनाई अपनी कहानी

NRI Couple Debt Story : अमेरिका में बसे एक NRI कपल ने खुलासा किया कि बेहतर जीवन की तलाश में लिए गए छोटे-छोटे वित्तीय फैसलों ने उन्हें 8.4 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज में पहुंचा दिया।
An NRI couple revealed how everyday financial decisions gradually led them into debt worth over Rs 8.4 crore.
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Debt Story Financial Planning : अमेरिका में रहने वाले एक NRI कपल की कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। इस दंपति ने खुलासा किया है कि बेहतर जीवन और आर्थिक सफलता की तलाश में लिए गए कई सामान्य फैसलों ने उन्हें करीब 8.4 करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ तले पहुंचा दिया।

इंस्टाग्राम पेज @moneyharmony123 पर साझा की गई उनकी पोस्ट ने हजारों लोगों का ध्यान खींचा है, क्योंकि यह कहानी केवल उनकी नहीं बल्कि उन कई लोगों की भी है जो बेहतर जीवनशैली की चाह में धीरे-धीरे बढ़ते कर्ज को नजरअंदाज कर देते हैं।

NRI कपल 8.4 करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा

कपल ने बताया कि वे 22 साल की उम्र में अमेरिका पहुंचे थे और उनका सपना एक अच्छी नौकरी, अपना घर, बेहतर कार, शानदार किचन, छुट्टियां और निवेश के लिए संपत्ति खरीदने का था। उनके अनुसार, उस समय लिया गया कोई भी फैसला गलत या फिजूलखर्ची वाला नहीं लगा। हर कदम उन्हें सफलता की ओर बढ़ता हुआ महसूस हुआ।

लेकिन समय के साथ हर नई सुविधा के साथ एक नई ईएमआई, लोन या वित्तीय जिम्मेदारी जुड़ती चली गई। जब उन्होंने एक दिन बैठकर अपनी पूरी वित्तीय स्थिति का आकलन किया, तब उन्हें एहसास हुआ कि कुल कर्ज 8.4 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। इसमें लगभग 4 करोड़ रुपये का होम लोन, 2.7 करोड़ रुपये का निवेश संपत्ति लोन, 1.5 करोड़ रुपये का किचन रिनोवेशन लोन और करीब 30 लाख रुपये का क्रेडिट कार्ड कर्ज शामिल था।

दोनों कर्जमुक्त बनने की नई योजना पर कर रहे काम

कपल का कहना है कि सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि उन्होंने कभी एक साथ इतना बड़ा कर्ज लेने का फैसला नहीं किया था। यह धीरे-धीरे जीवनशैली में सुधार और सुविधाएं बढ़ाने के दौरान जमा होता गया। हालांकि अब उन्होंने इस स्थिति से बाहर निकलने का फैसला किया है। दंपति ने अगले 1,200 दिनों के भीतर पूरी तरह कर्जमुक्त बनने का लक्ष्य तय किया है।

इसके लिए वे बजटिंग, खर्चों में कटौती, नियमित भुगतान और वित्तीय अनुशासन की रणनीति अपना रहे हैं। साथ ही वे अपने अनुभव और कर्ज से बाहर निकलने की योजना सोशल मीडिया पर भी साझा कर रहे हैं, ताकि दूसरे लोग उनकी कहानी से सीख लेकर बेहतर वित्तीय निर्णय ले सकें।

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