ट्रेन के चार्जिंग पोर्ट में टेबल फैन चलाने लगा शख्स, वायरल वीडियो देख लोगों ने पूछा- आखिर यह कैसे संभव है?

Train Viral Video : ट्रेन के जनरल कोच में एक शख्स ने मोबाइल चार्जिंग पोर्ट में फर्राटा पंखा चलाने की कोशिश की। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर सिविक सेंस को लेकर बहस छिड़ गई।
A viral video of a man trying to run a table fan using a train charging socket has sparked a debate on railway rules and civic sense.
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट(सोर्स - सोशल मीडिया)
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Train Charging Socket : भारतीय रेलवे की ट्रेनों में मोबाइल चार्जिंग के लिए दिए गए इलेक्ट्रिक पोर्ट का इस्तेमाल अक्सर यात्री फोन या पावर बैंक चार्ज करने के लिए करते हैं। लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। वीडियो में ट्रेन के जनरल कोच में सफर कर रहा एक शख्स अपने साथ लाया हुआ फर्राटा पंखा ट्रेन के चार्जिंग सॉकेट में लगाने की कोशिश करता दिखाई देता है।

जैसे ही वह पंखे का प्लग स्विच में लगाता है, पंखा चालू नहीं होता और उसका पूरा प्रयोग वहीं फेल हो जाता है। हालांकि, इस वीडियो के सामने आने के बाद इंटरनेट पर यह चर्चा शुरू हो गई कि आखिर ट्रेन के चार्जिंग पोर्ट में किन-किन उपकरणों का इस्तेमाल किया जा सकता है और किनका नहीं। कई लोग इसे सिविक सेंस की कमी बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग तकनीकी कारण भी समझा रहे हैं।

ट्रेन के चार्जिंग पोर्ट में टेबल फैन चलाने लगा शख्स

दरअसल, ट्रेन के अधिकांश कोचों में लगे चार्जिंग पोर्ट मुख्य रूप से मोबाइल फोन, पावर बैंक और कुछ मामलों में छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करने के लिए बनाए जाते हैं। सामान्य घरेलू फर्राटा पंखे को चलाने के लिए 220 वोल्ट एसी (AC) बिजली की जरूरत होती है, जबकि ट्रेन के कई कोचों में उपलब्ध सप्लाई अलग प्रकार की होती है। यही वजह है कि वीडियो में पंखा चालू नहीं हो पाता।

रेलवे के नियमों के अनुसार यात्रियों को चार्जिंग पॉइंट में हीटर, इलेक्ट्रिक केतली, इंडक्शन कुकर, रॉड, पंखा या अन्य अधिक बिजली खपत वाले उपकरण लगाने की अनुमति नहीं होती। ऐसा करने से बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और सुरक्षा संबंधी खतरे भी पैदा हो सकते हैं। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई भी की जा सकती है।

सिविक सेंस को लेकर वीडियो पर बहस छिड़ गई

यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @zindagi.gulzar.h नाम के हैंडल से शेयर किया गया है और तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो पर यूजर्स लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "भाई, ट्रेन में डीसी करंट होता है, इसलिए पंखा नहीं चलेगा।" दूसरे ने कहा, "मोबाइल चार्जिंग पॉइंट का मतलब यह नहीं कि उसमें कोई भी इलेक्ट्रिक सामान चला दिया जाए।"

वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, "देश में सिविक सेंस को स्कूलों में अलग विषय के तौर पर पढ़ाया जाना चाहिए।" कुछ लोगों ने इसे मजेदार बताया, जबकि कई यूजर्स ने भारतीय रेलवे की संपत्ति का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की सलाह दी। वीडियो के बहाने एक बार फिर सार्वजनिक सुविधाओं के सही उपयोग और यात्रियों की जिम्मेदारी पर चर्चा तेज हो गई है।

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