नदी में बहाया लीटरों दूध, पास खड़े बच्चों को नहीं दिया एक बूंद भी, वायरल वीडियो ने छेड़ी बहस

Milk Poured In River : नदी में दूध बहाने और जरूरतमंद बच्चों को अनदेखा करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, लोगों ने आस्था और पाखंड पर उठाए सवाल। कई लोगों ने वीडियो देख नाराजगी जताई।
A viral video of a man pouring milk into a river while ignoring children has sparked a debate on faith and superstition.
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Milk Poured Viral Video : सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो अक्सर लोगों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं, लेकिन इस बार सामने आया वीडियो आस्था, पाखंड और इंसानियत के बीच की रेखा को लेकर बड़ी बहस छेड़ रहा है। वायरल वीडियो में एक शख्स नदी में कई लीटर दूध बहाता नजर आ रहा है। खास बात यह है कि उसी जगह कुछ छोटे बच्चे भी खड़े दिखाई देते हैं।

जैसे ही आदमी दूध नदी में उड़ेलता है, बच्चे पास आकर थोड़ा-सा दूध लेने की कोशिश करते हैं, लेकिन वह व्यक्ति बच्चों को दूध देने के बजाय पूरा दूध नदी में बहा देता है। वीडियो सामने आते ही लोगों को यह दृश्य बेहद चुभ गया और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं।

नदी में बहा दिया दूध, वीडियो हुआ वायरल

यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @AnilYadavmedia1 नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। क्लिप में साफ दिखता है कि आदमी बड़े बर्तन से दूध सीधे नदी में डाल रहा है और आसपास खड़े लोग उसे देखते रह जाते हैं। वहीं पास में मौजूद बच्चे दूध लेने की उम्मीद में आगे बढ़ते हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है।

यही दृश्य लोगों के गुस्से की वजह बना। यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि जब सामने जरूरतमंद बच्चे मौजूद थे, तो दूध बहाने की बजाय उन्हें देना ज्यादा बेहतर नहीं होता? कई लोगों ने इसे अंधविश्वास और दिखावटी आस्था करार दिया है।

बच्चों को दूध देने से ज्यादा पुण्य मिलता

वीडियो वायरल होते ही कमेंट सेक्शन में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक यूजर ने लिखा, “भारत को पाखंड ने बहुत नुकसान किया है।” दूसरे ने कहा, “सच्ची पूजा वही है जिसमें किसी भूखे का पेट भरे।” वहीं कुछ लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बच्चों को दूध देने से ज्यादा पुण्य मिलता।

हालांकि कुछ यूजर्स ने इस मामले को व्यक्ति की निजी आस्था से जोड़ते हुए कहा कि दूध उसका है और उसे जो ठीक लगे, वह कर सकता है। लेकिन इसके जवाब में कई लोगों का तर्क था कि आस्था का मतलब संसाधनों को नष्ट करना नहीं होता, बल्कि जरूरतमंद की मदद करना ही इंसानियत और सच्ची श्रद्धा है। कुल मिलाकर यह वीडियो एक बार फिर समाज को यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि आस्था और पाखंड के बीच संतुलन कहां होना चाहिए।

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