

लातूर: महाराष्ट्र के लातूर शहर में एक महिला यातायात कांस्टेबल की सड़क पर दादागिरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हाे रहा है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने के लिए दोपहिया वाहन पर सवार युवती की पिटाई कर दी। वीडियो वायरल होने के बाद कांस्टेबल ने अपने कृत्य के लिए माफी मांगी, लेकिन साथ ही कहा कि उसका इरादा गलत नहीं था।
सोशल मीडिया पर सोमवार को एक वीडियो आया जिसमें कांस्टेबल प्रणीता मुसने को एक स्कूटर पर सवार तीन युवतियों से गाली गलौज करते और उनमें से एक को थप्पड़ मारते हुए देखा गया, जो कानून के खिलाफ है।
लातूर में रेनापुर नाका पर बनाये गये इस वीडियो में कांस्टेबल को तीनों युवतियों पर लापरवाही से गाड़ी चलाने का आरोप लगाते हुए देखा गया। बाद में कांस्टेबल ने तीनों में से एक युवती को थप्पड़ भी मारा। साथ ही वीडियो बना रहे शख्स को भी धमकी देते हुए भी नजर आ रही हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो आने के बाद मुसने ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि वह पिछले ढाई साल से यातायात विभाग में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मैं अपनी बेटियों को ट्यूशन के लिए छोड़ने के बाद अपनी ड्यूटी पर जा रही थी और तभी मैंने तीन युवतियों को दोपहिया वाहन लापरवाही से चलाते हुए देखा। कांस्टेबल प्रणीता मुसने ने दावा किया कि उन्होंने महिलाओं से सुरक्षित रूप से गाड़ी चलाने के लिए कहा लेकिन उन्होंने उनसे उल्टा जवाब देते हुए कहा कि अपने काम से मतलब रखों। कांस्टेबल ने कहा कि वे लापरवाही से गाड़ी चलाती रहीं और दोपहिया वाहन चला रही एक लड़की सही तरीके से बैठी भी नहीं थी।
कांस्टेबल कहा कि इसके बाद मैंने उनका पीछा किया और उन्हें पकड़ लिया। उन्होंने कहा कि मैंने महिला को थप्पड़ लगाया। मुसने ने कहा कि उन्होंने उस समय एक मां के तौर पर यह कार्रवाई की न कि पुलिस कांस्टेबल के तौर पर।
कांस्टेबल प्रणीता ने कहा कि मैंने जिस भाषा का इस्तेमाल किया वह भी गलत थी और मैं उन महिलाओं तथा उनके माता-पिता से माफी मांगती हूं। लेकिन मेरा इरादा गलत नहीं था। लातूर में पुलिस अधिकारियों से इस घटना पर टिप्पणी प्राप्त नहीं हो सकी है।