यूरोप की क्वालिटी ऑफ लाइफ क्यों बेहतर? जर्मनी में रहने वाले भारतीय ने बताया वजह, भारत से की दिलचस्प तुलना

Europe Quality of Life : जर्मनी में रहने वाले एक भारतीय युवक का वीडियो वायरल हो रहा है। उन्होंने बताया कि यूरोप की बेहतर क्वालिटी ऑफ लाइफ, अच्छी सैलरी या हेल्थकेयर नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुविधा भी है।
An Indian living in Germany says Europe's better quality of life comes from people-friendly infrastructure, not just higher salaries or healthcare.
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
Updated on

Indian in Germany : जर्मनी में रहने वाले एक भारतीय युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने बताया कि आखिर यूरोप की क्वालिटी ऑफ लाइफ लोगों को इतनी बेहतर क्यों लगती है। इंस्टाग्राम पर @buildwithsatyam हैंडल से शेयर किए गए इस वीडियो में सत्यम सिंह ने कहा कि लोग अक्सर मानते हैं कि यूरोप की बेहतर जिंदगी का कारण ऊंची सैलरी, आधुनिक तकनीक या बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं हैं, लेकिन उनके अनुसार असली वजह रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी छोटी-छोटी सुविधाएं और बेहतर शहरी व्यवस्था है।

वीडियो में वह अपने घर के पास स्थित एक साफ-सुथरे पार्क में बैठे नजर आते हैं। उन्होंने बताया कि वहां बच्चे सुरक्षित माहौल में खेलते हैं, लोग आराम से टहलते हैं और बिना किसी परेशानी के सार्वजनिक स्थानों का आनंद लेते हैं। उनका कहना है कि यूरोप के शहरों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर सिर्फ वाहनों के लिए नहीं, बल्कि लोगों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

यूरोप की क्वालिटी ऑफ लाइफ क्यों बेहतर

सत्यम ने वीडियो में बताया कि यूरोप में चौड़े फुटपाथ, अलग साइकिल लेन और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने कहा कि यहां वाहन चालक ज़ेब्रा क्रॉसिंग पर पैदल चलने वालों के लिए तुरंत रुक जाते हैं और साइकिल सवारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखते हैं। चाहे वाहन कितना भी महंगा या लग्जरी क्यों न हो, ट्रैफिक नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से जरूरी होता है।

इसके विपरीत उन्होंने भारत का जिक्र करते हुए कहा कि कई जगहों पर फुटपाथों की कमी, पैदल यात्रियों की अनदेखी और लापरवाह ड्राइविंग जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। उनका मानना है कि जब शहरों की योजना लोगों की सुविधा और सुरक्षा को केंद्र में रखकर बनाई जाती है, तब जीवन अपने आप अधिक सहज और सुरक्षित महसूस होने लगता है।

जर्मनी में रहने वाले भारतीय का वीडियो वायरल

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस विषय पर खुलकर अपनी राय रखी। कई यूजर्स ने सत्यम की बातों से सहमति जताते हुए कहा कि बेहतर क्वालिटी ऑफ लाइफ केवल पैसे से नहीं, बल्कि मजबूत सार्वजनिक व्यवस्था, सुरक्षित सड़कें और नागरिक सुविधाओं से तय होती है।

कुछ लोगों ने भारत में भी पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की जरूरत बताई। वहीं कुछ यूजर्स का कहना था कि भारत के कई शहरों में भी धीरे-धीरे सुधार हो रहे हैं, लेकिन अभी लंबा सफर तय करना बाकी है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर शहरी विकास, ट्रैफिक संस्कृति और नागरिक सुविधाओं को लेकर नई बहस छेड़ रहा है।

Navbharat Live
navbharatlive.com