वायरल फोटोज (डिजाइन)
Epstein Files: सीरियल रेपिस्ट जेफरी एपस्टीन से जुड़े अदालती दस्तावेजों के आने के बाद से ही दुनिया भर में हड़कंप मचा हुआ है। इन दस्तावेजों में कई चर्चित हस्तियों के नाम होने की वजह से हर तरफ इसकी चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर भी कई राजनैतिक हस्तियों के बारे में सनसनीखेज दावे किए जा रहे हैं।
इस बीच एपस्टीन फाइल्स को लेकर सबसे हैरान कर देने वाला दावा सामने आया है। भारत में ‘एक्स’ सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर दो तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इसके साथ ही दावा किया जा रहा है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम भी एपस्टीन फाइल्स में शामिल है।
‘एक्स’ पर तमाम यूजर्स इन तस्वीरों को पोस्ट कर रहे हैं। हर कोई अपनी-अपनी राजनैतिक रुचि के मुताबिक राहुल गांधी या पीएम मोदी वाली तस्वीर शेयर कर रहा है। इसके साथ ही दावा कर रहा है कि एपस्टीन फाइल्स में राहुल गांधी और पीएम मोदी का नाम शामिल है।
पीएम मोदी के दावे वाला पोस्ट आर्काइव लिंक के साथ
pic.twitter.com/HPvkpUcBae — prof dr Arun Prakash Mishra 🇺🇲 (@profapm) February 8, 2026
राहुल गांधी के दावे वाला पोस्ट आर्काइव लिंक के साथ
Epstein Files – Pappu?🤡😂 pic.twitter.com/5y8dA8um6B — MR.Anil (@Saffron_Anil_) February 10, 2026
वायरल दावों से जुड़े कीवर्ड्स को गूगल पर सर्च करने पर इन तस्वीरों या दावों को सही साबित करने वाली एक भी भरोसेमंद मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। वायरल तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च करने पर किसी भी असली न्यूज़ आउटलेट या ऑफिशियल वेबसाइट पर ऐसी कोई तस्वीर नहीं मिली। अगर भारतीय प्रधानमंत्री या विपक्षी नेता इतनी बड़ी इंटरनेशनल फाइल या तस्वीरों में शामिल होते तो यह दुनिया भर में बड़ी खबर होती।
वायरल तस्वीरों को करीब से देखने पर कई कमियां सामने आती हैं जो उनकी असलियत पर सवाल उठाती हैं। एक तस्वीर में जेफरी एपस्टीन के पीछे की जगह खुली दिखती है, जबकि मोदी और राहुल गांधी के ठीक पीछे एक किताबों की अलमारी दिखती है। एक ही फ्रेम में दो अलग-अलग बैकग्राउंड का होना शक को और बढ़ाता है।
इसके अलावा नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की अलग-अलग तस्वीरों में बैकग्राउंड से लेकर असली तस्वीर तक सब कुछ एक जैसा है। यह इस बात का पक्का सबूत है कि दोनों तस्वीरों को एडिट करने के लिए एक ही टेम्पलेट या एक ही AI टूल का इस्तेमाल किया गया है।
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साथ ही राहुल गांधी वाली तस्वीर में किनारे पर गूगल के AI टूल का आधा कटा हुआ मार्क भी दिख रहा है। जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि यह दोनों ही तस्वीरें राजनैतिक विरोध के लिए AI का इस्तेमाल कर के बनाई गई हैं। सीधे शब्दों में कहें तो दोनों ही तस्वीरें और उनके साथ किए जा रहे दावे पूर्णतयः फेक हैं।