मुंबई के अस्पताल में हुई डच महिला की डिलीवरी, अस्पताल स्टाफ की तारीफ कर बताया अनुभव
Dutch Woman in Mumbai : मुंबई में रहने वाली नीदरलैंड की महिला इवाना पेरकोविक ने भारत में पहली बार मां बनने का अपना अनुभव साझा किया है। उन्होंने अस्पताल की देखभाल की तारीफ की।
- Written By: हितेश तिवारी
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
Dutch Woman Mumbai Motherhood Experience : भारत में रहने वाली नीदरलैंड की महिला इवाना पेरकोविक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। मुंबई में अपने पहले बच्चे को जन्म देने के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि भारत और नीदरलैंड की स्वास्थ्य व्यवस्था में काफी अंतर है। इवाना ने कहा कि मुंबई के अस्पताल में उन्हें उम्मीद से कहीं बेहतर देखभाल मिली।
डॉक्टरों और नर्सों ने न सिर्फ उनका पूरा ध्यान रखा, बल्कि उनकी नवजात बेटी के प्रति भी बेहद स्नेह दिखाया। हालांकि, अस्पताल से घर लौटने के बाद उनकी जिंदगी अचानक काफी चुनौतीपूर्ण हो गई। उन्होंने बताया कि छोटे फ्लैट, परिवार और दोस्तों से दूरी तथा नए शहर में अकेलेपन ने उन्हें मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया।
मुंबई के अस्पताल में हुई डच महिला की डिलीवरी
इवाना ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में बताया कि नीदरलैंड में सामान्य प्रसव के दौरान दवाइयों के इस्तेमाल से बचने की कोशिश की जाती है और मां को जल्द अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है। वहीं मुंबई में उन्हें बिना दवा के प्रसव कराने के लिए अपनी बात मजबूती से रखनी पड़ी। इसके बावजूद अस्पताल का अनुभव बेहद सकारात्मक रहा।
उन्होंने कहा कि उन्हें आरामदायक कमरा मिला और नर्सें उनकी बेटी को देखकर बेहद खुश थीं। लेकिन घर लौटने के बाद स्थिति बदल गई। छोटे अपार्टमेंट में रहने के कारण परिवार या दोस्तों को मदद के लिए बुलाना संभव नहीं था। उस समय मुंबई में भीषण गर्मी पड़ रही थी और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच रहा था। ऐसे में नवजात के साथ बाहर निकलने में भी उन्हें डर लगता था। तेज ट्रैफिक और शहर की जानकारी न होने के कारण उन्होंने खुद को काफी अलग-थलग महसूस किया।
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अस्पताल स्टाफ की तारीफ कर बताया अनुभव
वायरल वीडियो में इवाना ने बताया कि इस मुश्किल दौर में उनका पालतू कुत्ता ‘बैंबी’ उनके लिए सबसे बड़ा सहारा बना। उनके पति के काम पर जाने के बाद बैंबी के साथ बाहर निकलना ही उन्हें मानसिक राहत देता था। उन्होंने कहा कि चार महीने बाद उन्हें महसूस हुआ कि उन्हें कुछ समय के लिए ब्रेक की जरूरत है। इसलिए वह अपनी बेटी के साथ वापस नीदरलैंड चली गईं ताकि मानसिक रूप से खुद को फिर से संभाल सकें।
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई यूजर्स ने अस्पताल में मिली देखभाल की तारीफ की, जबकि कुछ ने कहा कि प्रसव के बाद अकेलापन और भावनात्मक बदलाव दुनिया के किसी भी देश में नई मां के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। वहीं कई लोगों ने इवाना की ईमानदारी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मातृत्व से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों को खुलकर साझा किया है।
