क्या आप जानते हैं आखिर जन्म से ही क्यों काला होता है बालों का रंग? हरा या पीला रंग क्यों नहीं होता
जैसे-जैसे इस तत्व की मात्रा कम होती जाती है। इंसान के बाल सफेद होने लगते हैं और जब इसी मेलानिन की मात्रा किसी इंसान के शरीर में ज्यादा हो जाती है। तो उनके त्वचा का रंग भी डार्क हो जाता है।
- Written By: दामिनी सिंह
Photo Credit- Instagram/jsmithbeauty
मुंबई : शरीर के हर अंग का एक खास महत्त्व है और अगर हम बात करें स्कैल्प को ढ़क कर कर रखने वाले बालों कि तो ये हमारे लिए कितने जरुरी हैं ये आप भी अच्छे से जानते है। बाल (Hair) की मदद से हम अलग-अलग तरह का हेयर स्टाइल (Hair Style) करके हम अपने लुक (Look) को अच्छा दिखा सकते है, लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि पैदा होने वाले बच्चों के बाल सिर्फ काले (Black Hair) ही क्यों होतें है हरे, नीले, पीले, क्यों नहीं होते? तो चलिए आपको आज हम इस बारे में बताते हैं।
अक्सर हम देखते हैं कि भारत में पैदा होने वाले बच्चों के बाल ज्यादातर काले रंग के ही होते हैं और विदेशों में पैदा होने वाले बच्चों के बाल ज्यादातर गोल्डन कलर या फिर ब्राउन कलर के होते हैं। इस पर ज्यातादर लोगों का यही मानना है कि बच्चों का काले रंग के बालों के साथ पैदा होना प्राकृतिक है, लेकिन असल में ये आपकी शरीर के फंक्शन पर निर्भर करता है।
दरअसल, मेडिकल साइंस के अनुसार इंसान की बॉडी में मेलानिन नाम का एक तत्व पाया जाता है। जिसकी वजह से ही इंसान के बाल काले रंग के होते हैं और जैसे-जैसे इस तत्व की मात्रा कम होती जाती है। इंसान के बाल सफेद होने लगते हैं और जब इसी मेलानिन की मात्रा किसी इंसान के शरीर में ज्यादा हो जाती है। तो उनके त्वचा का रंग भी डार्क हो जाता है।
