कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ी तो समझ आया क्या खोया, क्या पाया? महिला बोली- कमाई याद आती है, ऑफिस की राजनीति नहीं

Corporate Job : कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर करियर ब्रेक लेने वाली आरुषि ने बताया कि उन्हें कमाई और सहकर्मियों की याद आती है, लेकिन ऑफिस पॉलिटिक्स, तनाव और थकान बिल्कुल याद नहीं आती।
A woman on a six-month career break opened up about missing income.
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट(सोर्स - सोशल मीडिया)
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Career Break : कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने के बाद जिंदगी कैसी होती है, इसे अक्सर लोग सिर्फ आजादी और सुकून से जोड़कर देखते हैं। लेकिन इंस्टाग्राम पर आरुषि ने अपने अनुभव का दूसरा पहलू साझा किया है। @dil_aur_dopamine से शेयर किए गए वीडियो में उन्होंने कहा कि उन्हें कमाई की याद आती है, लेकिन उस कमाई के लिए लगातार थकते रहने की नहीं।

उन्हें मुश्किल समस्याएं हल करने की याद आती है, लेकिन रात 12 बजे तक काम करने की नहीं। उन्हें सहकर्मियों और ऑफिस की रूटीन की याद आती है, लेकिन ऑफिस पॉलिटिक्स और थकान की बिल्कुल याद नहीं आती। आरुषि के मुताबिक, किसी चीज को मिस करना और फिर भी यह महसूस करना संभव है कि उसके बिना जिंदगी बेहतर है।

नौकरी छोड़ने के बाद कमाई की याद आती है

आरुषि पिछले छह महीने से करियर ब्रेक पर हैं। उन्होंने बताया कि बाहर से नौकरी छोड़ना काफी आकर्षक लगता है-न अलार्म, न ऑफिस जाने की जल्दी, न बॉस की चिंता और न ही कॉर्पोरेट पॉलिटिक्स। लेकिन असल जिंदगी में करियर ब्रेक उतना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि इस दौरान गिल्ट, सवाल, सेल्फ-डाउट और अपनी पहचान को लेकर उलझन भी पैदा हुई।

कई बार उनके मन में यह सवाल आता है कि अगर नौकरी नहीं करनी तो आगे क्या करना है, क्योंकि आमदनी की जरूरत तो बनी रहती है। साथ ही यह भी सवाल उठता है कि जब जिंदगी पहले ठीक चल रही थी तो आखिर दोबारा शुरुआत करने की जरूरत क्यों पड़ी। उनके अनुभव में नौकरी छोड़ने के बाद सुकून के साथ अपने भविष्य और उद्देश्य को लेकर अनिश्चितता भी आती है।

कई प्रोफेशनल्स को यह अपनी कहानी जैसी लगी

आरुषि की बात सोशल मीडिया पर कई प्रोफेशनल्स को अपनी कहानी जैसी लगी। लोगों ने कहा कि कॉर्पोरेट नौकरी में सिर्फ वेतन ही नहीं, बल्कि दोस्ती, रूटीन और अपनी पहचान का एक हिस्सा भी जुड़ा होता है। वहीं लंबे काम के घंटे, लगातार दबाव, ऑफिस पॉलिटिक्स और थकान कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। एक यूजर ने कहा कि आरुषि ने बिल्कुल सही बात कही है।

दूसरे ने लिखा कि कई लोगों को ऐसी स्थिति तब तक समझ नहीं आती, जब तक वे खुद इससे न गुजरें। एक अन्य यूजर ने बताया कि उसने भी हाल ही में इस्तीफा दिया और उसके बाद उसे गिल्ट और खुद को हारा हुआ महसूस करने जैसी भावनाओं का सामना करना पड़ा। आरुषि का वीडियो यही सवाल छोड़ता है कि क्या करियर छोड़ने का मतलब सब कुछ छोड़ देना है, या फिर यह अपनी जिंदगी को नए तरीके से समझने की शुरुआत भी हो सकती है।

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