दो कैंसर पीड़ित बच्चों की हुई इच्छा पूरी, 13 साल की उम्र में बन गए IPS अधिकारी
- Written By: काजल चोपड़े
नई दिल्ली: सोशल मीडिया (Social Media) पर आए दिन कई ख़बरें वायरल होती रहती है। हाल ही में सोशल मीडिया पर बेंगलुरु की एक खबर वायरल हो रही है। यहां मेक-ए-विश फाउंडेशन (Make A Wish Foundation) के कारण, दो बच्चों का सपना पूरा हो गया है। बेंगलुरु के हाई स्कूल में पढ़ रहे दो बच्चे कैंसर (Cancer)के मरीज हैं। इन दोनों बच्चों को एक दिन के लिए आईपीएस ऑफिसर बनाना था।
वहीं, मेक-ए-विश फाउंडेशन (Make A Wish Foundation) की वजह से उनका यह सपना पूरा हो गया। अब सोशल मीडिया पर इन बच्चों की तस्वीर वायरल हो रही है। दोनों के चेहरे पर पुलिस (Police) की वर्दी पहनकर अलग ही ख़ुशी नज़र आ रही है।
पुलिस उपायुक्त, दक्षिण-पूर्व डिवीजन के कार्यालय में गुरुवार का दिन बेहद खास था। 13 साल के मिथिलेश और मोहम्मद सलमान खान पुलिस की वर्दी में कार्यालय में आए और एक परिचय के बाद पुलिस कर्मचारियों से सलामी ली।
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डीसीपी, साउथ-ईस्ट डिवीजन, सी. के. बाबा ने कहा कि, अधिकारियों से घटनाक्रम के बारे में जानकारी लेने से पहले दोनों बच्चे कार्यालय में चले गए और कुछ देर वहीं बैठे रहे। उन्होंने बताया कि, “यह कार्यक्रम मेक-ए-विश फाउंडेशन की उन दो लड़कों की इच्छाओं को पूरा करने की पहल का हिस्सा था, जो बेंगलुरु के हाई स्कूल में पढ़ रहे हैं और कैंसर का इलाज करवा रहे हैं।”
The wish of 2 critically ill boys to become police officers was fulfilled by the Bengaluru South East Division Police via NGO, Make a Wish.
Mohd Salman from Kerala & Mithilesh from Bengaluru have been suffering from Cancer. pic.twitter.com/RwPzFBugfN — ANI (@ANI) July 23, 2022
डीसीपी ने बताया-पहल के हिस्से के रूप में दोनों लड़कों की इच्छा पूरी की गई। दोनों लड़के आईपीएस अधिकारी बनना चाहते थे। वहीं, इन दोनों ने कोरमंगला कार्यालय में दक्षिण-पूर्व डिवीजन के डीसीपी की भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के हिस्से के रूप में दोनों बच्चों को गतिविधियों और अभ्यासों के बारे में जानकारी दी गई। वहीं, यह दोनों बच्चे डीसीपी के नियमित काम के तहत वे पुलिस स्टेशन भी गए। पुलिस स्टेशन में जाने के बाद वहां के कर्मचारियों ने उनके सामने घरेलू हिंसा का मामला पेश किया। इन दोनों लड़कों ने शिकायत सुनकर आवश्यक निर्देश जारी किए।
डीसीपी, साउथ-ईस्ट डिवीजन, सी. के. बाबा कहा, “दोनों बच्चों के सपने को साकार करना और उसका हिस्सा बनना एक बहुत अच्छा अहसास था। दोनों कैंसर से जूझ रहे हैं और उनके चेहरे पर मुस्कान दिखी, ये बहुत बड़ी बात है।”
