

Entrepreneurship : 11 लाख रुपये सालाना (11 LPA) की कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर अपना खुद का वाटर प्योरिफिकेशन बिजनेस शुरू करने वाले एक युवक की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यूजर @iamankitpande ने अपने दोस्त की सफलता साझा करते हुए बताया कि उसने 9 से 5 की नौकरी छोड़कर अपने गांव लौटने और खुद का व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया।
पोस्ट के अनुसार, युवक ने अपनी जमीन पर वाटर प्योरिफिकेशन प्लांट लगाया और आसपास के घरों व दुकानों तक पीने का साफ पानी पहुंचाने का काम शुरू किया। यह कहानी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें कमाई का दावा उसकी पुरानी नौकरी से कहीं ज्यादा बताया गया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
पोस्ट के मुताबिक, युवक ने करीब 300 घरों और दुकानों को अपने बिजनेस से जोड़ा है और रोजाना लगभग 300 पानी के कैन सप्लाई करता है। हर कैन की कीमत 30 रुपये बताई गई है, जिससे उसकी दैनिक आय करीब 9 हजार रुपये और मासिक आय लगभग 2.7 लाख रुपये तक पहुंच जाती है।
पोस्ट में यह भी बताया गया कि जल शोधन और बिजली पर हर महीने करीब 15 हजार रुपये तथा परिवहन पर लगभग 20 हजार रुपये खर्च होते हैं। चूंकि प्लांट उसकी अपनी जमीन पर है, इसलिए किराया नहीं देना पड़ता।
इन सभी खर्चों के बाद करीब 2.35 लाख रुपये मासिक और लगभग 28.5 लाख रुपये सालाना मुनाफा होने का दावा किया गया है। पोस्ट में लिखा गया कि कई बार सबसे सफल बिजनेस वही होता है जो लोगों की रोजमर्रा की जरूरत का समाधान करता है।
यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और हजारों लोगों ने इस पर अपनी राय दी। कई यूजर्स ने युवक के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि स्थिर मांग वाले छोटे व्यवसाय लंबे समय में कॉर्पोरेट नौकरी से बेहतर साबित हो सकते हैं। कुछ लोगों ने लिखा कि परिवार के साथ रहकर अपना काम करना किसी बड़े पद से ज्यादा संतोष देता है।
वहीं कुछ यूजर्स का मानना था कि किसी भी बिजनेस की सफलता स्थान, ग्राहक संख्या, निवेश और संचालन पर निर्भर करती है, इसलिए हर व्यक्ति के लिए ऐसा मॉडल समान रूप से सफल हो, यह जरूरी नहीं है। फिर भी इस कहानी ने नौकरी और उद्यमिता के बीच चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है।