

Iran On US Helicopter Crash: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से भारी तनाव और टकराव बढ़ता हुआ साफ दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में उनके एक अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराया है। हालांकि तेहरान ने इस बड़े आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है।
इस भयानक घटना के बाद अमेरिकी सेना ने सी-ड्रोन्स की मदद से अपने दोनों पायलटों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। ईरान ने अमेरिका के इस दावे को झूठा बताते हुए कहा है कि यह उन पर दोबारा नया हमला करने का एक बड़ा बहाना है। दोनों देशों के इन बयानों से युद्ध का खतरा काफी बढ़ गया है।
ईरान के उप विदेश मंत्री मजीद रवांची ने अल जजीरा से बात करते हुए ट्रंप के दावों का पूरी तरह खंडन किया है। उन्होंने साफ कहा कि होर्मुज के ऊपर अमेरिकी हेलिकॉप्टर पर हुए इस रहस्यमयी हमले के पीछे तेहरान का कोई हाथ नहीं है। ईरानी मीडिया ने भी पिछले 24 घंटों में किसी भी आक्रामक हवाई सैन्य अभियान से इनकार किया है। ईरानी सैन्य सूत्रों ने साफ चेतावनी दी है कि अमेरिका इस दुर्घटना की आड़ में फिर से दुश्मनी शुरू करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका कोई भी कदम उठाता है तो उसका हर स्थिति में बहुत ही निर्णायक जवाब दिया जाएगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने विदेशी सेनाओं को जोखिम कम करने के लिए वापस जाने की सलाह दी है।
ट्रंप की बड़ी धमकी के कुछ ही देर बाद अमेरिका ने ईरान के कई अहम ठिकानों पर अपने भीषण और खतरनाक हमले शुरू कर दिए। ट्रंप ने खुले तौर पर कहा कि उन्होंने हमारे हेलिकॉप्टर को गिराया और अब हम उसका बहुत ही मजबूत और जबरदस्त जवाब दे रहे हैं। इस जवाबी कार्रवाई से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोगों में डर का माहौल बन गया है।
ईरान की सरकारी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार होर्मुज में स्थित केशम द्वीप पर अमेरिका का बड़ा और भयानक हमला हुआ है। इसके साथ ही सिरिक क्षेत्र में भी एक भारी प्रोजेक्टाइल के टकराने की आधिकारिक रूप से पुष्टि की गई है। समाचार एजेंसी ने बताया कि होर्मोजगन के कई पूर्वी इलाकों में भयंकर धमाकों की तेज आवाजें साफ सुनी गई हैं।
डोनाल्ड ट्रंप पहले कई बार यह दावा कर चुके हैं कि अमेरिका और ईरान एक बड़े शांति समझौते के बेहद करीब हैं। लेकिन अप्रैल में युद्धविराम लागू होने के बाद भी दोनों देशों के आपसी रिश्तों में सुधार के बहुत ही कम संकेत मिले हैं। यह ताजा और भयंकर हिंसक घटना इस पूरे इलाके के शांति प्रयासों के लिए एक बहुत बड़ा झटका साबित हो सकती है।