दिहाड़ी मजदूर की बेटी को मिला 21 करोड़ का टैक्स नोटिस, पैन कार्ड के दुरुपयोग से हैरान परिवार, video वायरल
Unnao fraud case : मजदूर की बेटी के नाम पर दिल्ली में चल रही थी फर्जी फर्म! पैन कार्ड के दुरुपयोग से रश्मि को मिला 21 करोड़ का टैक्स नोटिस। हैरान कर देने वाली इस साइबर ठगी की पूरी कहानी।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
Rashmi Savita Unnao Case Income Tax Department Notice: उत्तर प्रदेश के उन्नाव से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक दिहाड़ी मजदूर की बेटी और स्नातक छात्रा, रश्मि सविता को चंडीगढ़ आयकर विभाग से 20.98 करोड़ के टर्नओवर का नोटिस मिला। रश्मि के होश तब उड़ गए जब उसे पता चला कि उसके पैन कार्ड और पहचान पत्रों का दुरुपयोग कर दिल्ली के बुराड़ी में ‘आरएस एंटरप्राइजेज’ नाम से एक फर्जी फर्म चलाई जा रही थी। रश्मि ने बताया कि उन्हें इस धोखाधड़ी के बारे में तब पता चला जब नोटिस घर पहुंचा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कभी चंडीगढ़ नहीं गईं और उनका इस बिजनेस से कोई लेना-देना नहीं है। यह घटना सरकारी सिस्टम और डाटा सुरक्षा की गंभीर खामियों को उजागर करती है, जहाँ किसी निर्दोष व्यक्ति के नाम पर फर्जी कंपनियां खोलकर करोड़ों का हेरफेर किया जा रहा है। फिलहाल, रश्मि ने आयकर विभाग को अपना स्पष्टीकरण भेज दिया है और मुख्यमंत्री जन शिकायत पोर्टल के साथ-साथ पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई है। तो वहीं यह मामला भारत में डेटा प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा की गंभीर खामियों पर बड़े सवाल खड़े करता है, जहां किसी गरीब व्यक्ति की जानकारी और उसके पहचान का इस्तेमाल करके करोड़ों का खेल किया जा रहा है।
Rashmi Savita Unnao Case Income Tax Department Notice: उत्तर प्रदेश के उन्नाव से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक दिहाड़ी मजदूर की बेटी और स्नातक छात्रा, रश्मि सविता को चंडीगढ़ आयकर विभाग से 20.98 करोड़ के टर्नओवर का नोटिस मिला। रश्मि के होश तब उड़ गए जब उसे पता चला कि उसके पैन कार्ड और पहचान पत्रों का दुरुपयोग कर दिल्ली के बुराड़ी में ‘आरएस एंटरप्राइजेज’ नाम से एक फर्जी फर्म चलाई जा रही थी। रश्मि ने बताया कि उन्हें इस धोखाधड़ी के बारे में तब पता चला जब नोटिस घर पहुंचा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कभी चंडीगढ़ नहीं गईं और उनका इस बिजनेस से कोई लेना-देना नहीं है। यह घटना सरकारी सिस्टम और डाटा सुरक्षा की गंभीर खामियों को उजागर करती है, जहाँ किसी निर्दोष व्यक्ति के नाम पर फर्जी कंपनियां खोलकर करोड़ों का हेरफेर किया जा रहा है। फिलहाल, रश्मि ने आयकर विभाग को अपना स्पष्टीकरण भेज दिया है और मुख्यमंत्री जन शिकायत पोर्टल के साथ-साथ पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई है। तो वहीं यह मामला भारत में डेटा प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा की गंभीर खामियों पर बड़े सवाल खड़े करता है, जहां किसी गरीब व्यक्ति की जानकारी और उसके पहचान का इस्तेमाल करके करोड़ों का खेल किया जा रहा है।
