शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का पलटवार: ‘हिस्ट्रीशीटर’ शिकायतकर्ता और AI के खेल का पर्दाफाश! क्या ये साजिश है?
Swami Avimukteshwaranand PC: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी को 'हिस्ट्रीशीटर' बताया और पुलिस जांच में उसकी सक्रिय भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
Swami Avimukteshwaranand Controversy: ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने ऊपर लगे आरोपों को एक सुनियोजित षड्यंत्र करार दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने सबूत पेश करते हुए दावा किया कि शिकायतकर्ता खुद एक अपराधी है और एआई (AI) तकनीक के जरिए फर्जी तस्वीरें बनाकर उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी की पृष्ठभूमि पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि शिकायतकर्ता के ऊपर 20 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह एक घोषित ‘हिस्ट्रीशीटर’ है। स्वामी जी ने सवाल किया कि एक अपराधी रातों-रात भगवा वस्त्र पहनकर संत कैसे बन सकता है और क्या गिरवा कपड़ा पहनने वालों से सात्विक आचरण की अपेक्षा नहीं की जानी चाहिए?
उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि आज देश के साधु-संत डरे हुए हैं क्योंकि जब एक शंकराचार्य पर हिस्ट्रीशीटर आरोप लगा सकता है और उसे राज्य एवं पुलिस का संरक्षण मिल सकता है, तो आम संतों की सुरक्षा कौन करेगा? उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी अपराधी के पक्ष में नहीं हैं, बल्कि केवल देश में स्थापित कानून और न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा के लिए आवाज उठा रहे हैं।
एआई (AI) का मायाजाल और फर्जी तस्वीरों का खेल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कुछ तस्वीरें दिखाते हुए दावा किया कि उन्हें बदनाम करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया गया है। उन्होंने विशेष रूप से डॉक्टर अजय पाल शर्मा के साथ दिखाई गई एक तस्वीर का जिक्र करते हुए उसे “बनावटी एआई चित्र” करार दिया।
Swami Avimukteshwaranand Controversy: ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने ऊपर लगे आरोपों को एक सुनियोजित षड्यंत्र करार दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने सबूत पेश करते हुए दावा किया कि शिकायतकर्ता खुद एक अपराधी है और एआई (AI) तकनीक के जरिए फर्जी तस्वीरें बनाकर उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी की पृष्ठभूमि पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि शिकायतकर्ता के ऊपर 20 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह एक घोषित ‘हिस्ट्रीशीटर’ है। स्वामी जी ने सवाल किया कि एक अपराधी रातों-रात भगवा वस्त्र पहनकर संत कैसे बन सकता है और क्या गिरवा कपड़ा पहनने वालों से सात्विक आचरण की अपेक्षा नहीं की जानी चाहिए?
उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि आज देश के साधु-संत डरे हुए हैं क्योंकि जब एक शंकराचार्य पर हिस्ट्रीशीटर आरोप लगा सकता है और उसे राज्य एवं पुलिस का संरक्षण मिल सकता है, तो आम संतों की सुरक्षा कौन करेगा? उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी अपराधी के पक्ष में नहीं हैं, बल्कि केवल देश में स्थापित कानून और न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा के लिए आवाज उठा रहे हैं।
एआई (AI) का मायाजाल और फर्जी तस्वीरों का खेल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कुछ तस्वीरें दिखाते हुए दावा किया कि उन्हें बदनाम करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया गया है। उन्होंने विशेष रूप से डॉक्टर अजय पाल शर्मा के साथ दिखाई गई एक तस्वीर का जिक्र करते हुए उसे “बनावटी एआई चित्र” करार दिया।
