सीहोर में आशा कार्यकर्ताओं का हंगामा! भोपाल-इंदौर रोड जाम, सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन। देखें VIDEO
Madhya Pradesh News: सीहोर में मानदेय नहीं मिलने से नाराज आशा कार्यकर्ताओं ने भोपाल-इंदौर मार्ग जाम कर दिया और मांगें पूरी नहीं होने पर हड़ताल की चेतावनी दी। देखें वीडियो।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
Madhya Pradesh Asha Workers Protest: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में अपनी लंबित मांगों और मानदेय भुगतान न होने से नाराज आशा कार्यकर्ताओं का आक्रोश सोमवार को सड़कों पर फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में कलेक्टोरेट के सामने प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ताओं ने भोपाल-इंदौर पुराने मार्ग पर जोरदार चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं ने शासन और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उन्हें तीन-चार महीने से नियमित मानदेय नहीं मिला है और जो राशि मिल भी रही है, वह टुकड़ों में आ रही है।
साथ ही, उन्होंने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई मानदेय घोषित ₹1000 की वेतन वृद्धि को लागू न करने पर भी नाराजगी जताई। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगे जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल और भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होंगी, जिसका असर स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर पड़ेगा। प्रदर्शन का नेतृत्व रानी राठौर और चिंता चौहान (आशा सहयोगी श्रमिक संघ) जैसी कार्यकर्ताओं ने किया, जिन्होंने प्रशासन पर उनकी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
Madhya Pradesh Asha Workers Protest: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में अपनी लंबित मांगों और मानदेय भुगतान न होने से नाराज आशा कार्यकर्ताओं का आक्रोश सोमवार को सड़कों पर फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में कलेक्टोरेट के सामने प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ताओं ने भोपाल-इंदौर पुराने मार्ग पर जोरदार चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं ने शासन और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उन्हें तीन-चार महीने से नियमित मानदेय नहीं मिला है और जो राशि मिल भी रही है, वह टुकड़ों में आ रही है।
साथ ही, उन्होंने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई मानदेय घोषित ₹1000 की वेतन वृद्धि को लागू न करने पर भी नाराजगी जताई। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगे जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल और भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होंगी, जिसका असर स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर पड़ेगा। प्रदर्शन का नेतृत्व रानी राठौर और चिंता चौहान (आशा सहयोगी श्रमिक संघ) जैसी कार्यकर्ताओं ने किया, जिन्होंने प्रशासन पर उनकी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
