मोबाइल टॉर्च के सहारे 84 KM दौड़ी सरकारी बस! कर्नाटक में यात्रियों की जान से खिलवाड़। देखें VIDEO
Karnataka Viral Bus Video: कर्नाटक में KKRTC बस 84 किमी तक मोबाइल टॉर्च के सहारे दौड़ी। खराब हेडलाइट के बावजूद चली बस, प्रशासनिक लापरवाही का वीडियो हुआ वायरल। देखें पूरी खबर।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
Karnataka Government Bus Mobile Torch: कर्नाटक के कलबुर्गी से चिंचोली के बीच का एक भयावह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कल्याण कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (KKRTC) की एक सरकारी बस को मोबाइल टॉर्च के सहारे रात के अंधेरे में लगभग 84 किलोमीटर तक दौड़ते हुए देखा गया। रिपोर्ट के अनुसार, बस की हेडलाइट पिछले 15 दिनों से खराब थी, लेकिन प्रशासन ने इसे नजरअंदाज कर दिया। यात्रियों की सुरक्षा को ताक पर रखकर बस कंडक्टर को पूरी यात्रा के दौरान चालक के पास बैठकर मोबाइल की रोशनी से रास्ता दिखाना पड़ा।
यह घटना राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दयनीय स्थिति और प्रशासनिक लापरवाही का जीवंत उदाहरण है। इस मुद्दे पर अब राजनीतिक घमासान भी तेज हो गया है, जहाँ विपक्ष सरकार पर निशाना साध रहा है। केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा आवंटित 4500 इलेक्ट्रिक बसों की प्रक्रिया राज्य सरकार की देरी के कारण रुकी हुई है। यह लापरवाही न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यात्रियों की जान के साथ भी एक बड़ा खिलवाड़ है, जिसने सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
Karnataka Government Bus Mobile Torch: कर्नाटक के कलबुर्गी से चिंचोली के बीच का एक भयावह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कल्याण कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (KKRTC) की एक सरकारी बस को मोबाइल टॉर्च के सहारे रात के अंधेरे में लगभग 84 किलोमीटर तक दौड़ते हुए देखा गया। रिपोर्ट के अनुसार, बस की हेडलाइट पिछले 15 दिनों से खराब थी, लेकिन प्रशासन ने इसे नजरअंदाज कर दिया। यात्रियों की सुरक्षा को ताक पर रखकर बस कंडक्टर को पूरी यात्रा के दौरान चालक के पास बैठकर मोबाइल की रोशनी से रास्ता दिखाना पड़ा।
यह घटना राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दयनीय स्थिति और प्रशासनिक लापरवाही का जीवंत उदाहरण है। इस मुद्दे पर अब राजनीतिक घमासान भी तेज हो गया है, जहाँ विपक्ष सरकार पर निशाना साध रहा है। केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा आवंटित 4500 इलेक्ट्रिक बसों की प्रक्रिया राज्य सरकार की देरी के कारण रुकी हुई है। यह लापरवाही न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यात्रियों की जान के साथ भी एक बड़ा खिलवाड़ है, जिसने सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
