Iran ने ठुकराईं Trump की शर्तें? परमाणु डील पर नया संकट! मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ेगा तनाव? Video
Middle East Crisis: ट्रंप की मांगों पर ईरान ने करारा जवाब देते हुए 6 शर्तें माननें से इनकार किया है। तेहरान से मिले संकेत साफ बताते हैं कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं।
- Written By: तनमय बरनवाल
US-Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिलहाल कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसबीच अब एक नया विवाद सामने आ गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध समाप्ति और समझौते को लेकर कुछ प्रमुख शर्तें रखी। लेकिन इन शर्तों ने ईरान को नाराज कर दिया है। हालांकि ईरान की तरफ से इन शर्तों पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन तेहरान की तरफ से मिले संकेत साफ बताते हैं कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर पीछे हटने को तैयार नहीं है।
ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर साफ कहा है कि ईरान को अमेरिका की सुरक्षा गारंटी पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी मिसाइल ताकत के दम पर दबाव झेलने में सक्षम है और तेहरान केवल शब्दों से नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई के आधार पर फैसले करेगा। यानि ईरान का साफ संदेश है पहले अमेरिका कदम उठाए फिर ईरान जवाब देगा। अब देखना होगा क्या ट्रंप और ईरान के बीच कोई बीच का रास्ता निकलता है या फिर टकराव की राजनीति एक बार फिर दुनिया को नई चिंता में डाल देती है। फिलहाल आप क्या सोचते हैं? क्या ईरान को अमेरिका की शर्तें मान लेनी चाहिए? या तेहरान का रुख सही है? कमेंट करके अपनी राय जरूर बताइए।
US-Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिलहाल कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसबीच अब एक नया विवाद सामने आ गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध समाप्ति और समझौते को लेकर कुछ प्रमुख शर्तें रखी। लेकिन इन शर्तों ने ईरान को नाराज कर दिया है। हालांकि ईरान की तरफ से इन शर्तों पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन तेहरान की तरफ से मिले संकेत साफ बताते हैं कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर पीछे हटने को तैयार नहीं है।
ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर साफ कहा है कि ईरान को अमेरिका की सुरक्षा गारंटी पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी मिसाइल ताकत के दम पर दबाव झेलने में सक्षम है और तेहरान केवल शब्दों से नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई के आधार पर फैसले करेगा। यानि ईरान का साफ संदेश है पहले अमेरिका कदम उठाए फिर ईरान जवाब देगा। अब देखना होगा क्या ट्रंप और ईरान के बीच कोई बीच का रास्ता निकलता है या फिर टकराव की राजनीति एक बार फिर दुनिया को नई चिंता में डाल देती है। फिलहाल आप क्या सोचते हैं? क्या ईरान को अमेरिका की शर्तें मान लेनी चाहिए? या तेहरान का रुख सही है? कमेंट करके अपनी राय जरूर बताइए।
