NEET आंदोलन से चमके CJP के अभिजीत दीपके पर संकट, पढ़ाई के खर्च पर उठे सवाल! देखें VIDEO
RTI Complaint Against CJP: NEET आंदोलन से चर्चित हुई CJP और फाउंडर अभिजीत दीपके नए विवाद में फंसे। आरटीआई कार्यकर्ता ने परिवार की आय और महंगे खर्च पर उठाए गंभीर सवाल।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
Abhijeet Dipke Boston University Fees Controversy: नीट (NEET) के विरोध प्रदर्शनों और जंतर-मंतर आंदोलन से चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और इसके फाउंडर अभिजीत दीपके एक नए विवाद में घिर गए हैं। सूरत के एक आरटीआई कार्यकर्ता ने अभिजीत दीपके के परिवार की आय, बॉस्टन यूनिवर्सिटी की पढ़ाई के भारी-भरकम खर्च और कपिल सिब्बल द्वारा मिले फंड पर सवाल उठाते हुए महाराष्ट्र सरकार और सीबीआईसी में शिकायत दर्ज कराई है।
कार्यकर्ता का आरोप है कि चुनाव आयोग में अनरजिस्टर्ड होने के बावजूद सीजेपी राजनीतिक गतिविधियां चला रही है। हालांकि, इन आरोपों पर अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि वे सक्रिय राजनीति में आने के बजाय एक मजबूत पब्लिक प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करना जारी रखेंगे। उनका मानना है कि इस आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि युवाओं में सरकार से सवाल पूछने और डर खत्म होने का साहस आना है। वहीं, प्रदर्शन के दौरान युवाओं द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा और गालियों के समर्थन को लेकर भी सीजेपी पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे यह नया विवाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
Abhijeet Dipke Boston University Fees Controversy: नीट (NEET) के विरोध प्रदर्शनों और जंतर-मंतर आंदोलन से चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और इसके फाउंडर अभिजीत दीपके एक नए विवाद में घिर गए हैं। सूरत के एक आरटीआई कार्यकर्ता ने अभिजीत दीपके के परिवार की आय, बॉस्टन यूनिवर्सिटी की पढ़ाई के भारी-भरकम खर्च और कपिल सिब्बल द्वारा मिले फंड पर सवाल उठाते हुए महाराष्ट्र सरकार और सीबीआईसी में शिकायत दर्ज कराई है।
कार्यकर्ता का आरोप है कि चुनाव आयोग में अनरजिस्टर्ड होने के बावजूद सीजेपी राजनीतिक गतिविधियां चला रही है। हालांकि, इन आरोपों पर अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि वे सक्रिय राजनीति में आने के बजाय एक मजबूत पब्लिक प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करना जारी रखेंगे। उनका मानना है कि इस आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि युवाओं में सरकार से सवाल पूछने और डर खत्म होने का साहस आना है। वहीं, प्रदर्शन के दौरान युवाओं द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा और गालियों के समर्थन को लेकर भी सीजेपी पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे यह नया विवाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
