हिला देने वाला खुलासा! भाई वीरेंद्र ने झारखंड विरोध प्रदर्शन और पार्टी के भीतर खोल दिए सारे राज, देखें VIDEO
Jharkhand Protest RJD MLA Bhai Virendra: आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने झारखंड विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर साधा निशाना और पार्टी के भीतर अनुशासन पर दिया कड़ा संदेश।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
Bihar MLA Bhai Virendra statement: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता और विधायक भाई वीरेंद्र ने झारखंड विरोध प्रदर्शन और राज्य की राजनीतिक स्थिति पर खुलकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बातचीत में झारखंड के छात्रों और नौजवानों के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए केंद्र और एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा। भाई वीरेंद्र ने कहा कि देश की जनता और युवा जनविरोधी नीतियों तथा तानाशाही रवैये को उखाड़ फेंकने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, और आरजेडी इस आंदोलन में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
इसके अलावा, उन्होंने पार्टी के भीतर चल रहे घटनाक्रम, अनुशासनहीनता और अन्य नेताओं के बयानों पर भी दो टूक बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के सच्चे सिपाही हैं जो पार्टी के हित में हर जरूरी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। इस तीखे और बेबाक बयान के बाद बिहार और झारखंड की राजनीति में हलचल काफी तेज हो गई है, और विरोधी दलों के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म हो चुका है।
Bihar MLA Bhai Virendra statement: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता और विधायक भाई वीरेंद्र ने झारखंड विरोध प्रदर्शन और राज्य की राजनीतिक स्थिति पर खुलकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बातचीत में झारखंड के छात्रों और नौजवानों के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए केंद्र और एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा। भाई वीरेंद्र ने कहा कि देश की जनता और युवा जनविरोधी नीतियों तथा तानाशाही रवैये को उखाड़ फेंकने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, और आरजेडी इस आंदोलन में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
इसके अलावा, उन्होंने पार्टी के भीतर चल रहे घटनाक्रम, अनुशासनहीनता और अन्य नेताओं के बयानों पर भी दो टूक बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के सच्चे सिपाही हैं जो पार्टी के हित में हर जरूरी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। इस तीखे और बेबाक बयान के बाद बिहार और झारखंड की राजनीति में हलचल काफी तेज हो गई है, और विरोधी दलों के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म हो चुका है।
