बरेली हिंसा: स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से लखनऊ में सरकार पर क्यों फूटा गुस्सा- VIDEO
Bareilly violence News: बरेली में हाल ही में हुई हिंसा के मामले पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने महत्वपूर्ण टिप्पणी पर लोगों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सत्ता पाने के लिए अक्सर हिंदू-मुस्लिम...
- Written By: अमन उपाध्याय
Swami Prasad Maurya Statement: बरेली में हाल ही में हुई हिंसा के संदर्भ में स्वामी प्रसाद मौर्य ने बड़ा बयान दिया था। जिस पर लोगों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सत्ता में आने के लिए हिंदू-मुस्लिम और मंदिर-मस्जिद के मुद्दों को उठाती रही है। पार्टी राम मंदिर निर्माण जैसी योजनाओं में पार्टी सफल रही और सत्ता हासिल की। स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर लोगों का आगे कहना है कि आगे कहा कि अब देश की जनता जागरूक हो चुकी है और धार्मिक या समुदाय आधारित भड़काऊ राजनीति को आसानी से स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि बरेली में हिंसा भड़काने के प्रयास किए गए थे, लेकिन स्थानीय जनता ने समझदारी दिखाई और स्थिति को नियंत्रित किया।
लोगों ने सरकार को ये भी चेतावनी दी कि यदि वह सुधार नहीं करती और सभी समुदायों के हितों को संतुलित तरीके से नहीं संभालती, तो जनता जागरूक होकर प्रतिक्रिया देगी। उन्होंने दोनों समुदायों हिंदू और मुस्लिम से शांति और भाईचारे बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में कोई उपद्रव या अशांति फैलने नहीं देनी चाहिए। सरकार को नीति स्तर पर शांतिपूर्ण और व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
Swami Prasad Maurya Statement: बरेली में हाल ही में हुई हिंसा के संदर्भ में स्वामी प्रसाद मौर्य ने बड़ा बयान दिया था। जिस पर लोगों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सत्ता में आने के लिए हिंदू-मुस्लिम और मंदिर-मस्जिद के मुद्दों को उठाती रही है। पार्टी राम मंदिर निर्माण जैसी योजनाओं में पार्टी सफल रही और सत्ता हासिल की। स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर लोगों का आगे कहना है कि आगे कहा कि अब देश की जनता जागरूक हो चुकी है और धार्मिक या समुदाय आधारित भड़काऊ राजनीति को आसानी से स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि बरेली में हिंसा भड़काने के प्रयास किए गए थे, लेकिन स्थानीय जनता ने समझदारी दिखाई और स्थिति को नियंत्रित किया।
लोगों ने सरकार को ये भी चेतावनी दी कि यदि वह सुधार नहीं करती और सभी समुदायों के हितों को संतुलित तरीके से नहीं संभालती, तो जनता जागरूक होकर प्रतिक्रिया देगी। उन्होंने दोनों समुदायों हिंदू और मुस्लिम से शांति और भाईचारे बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में कोई उपद्रव या अशांति फैलने नहीं देनी चाहिए। सरकार को नीति स्तर पर शांतिपूर्ण और व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
