खाकी पर लगा सबसे बड़ा दाग! आगरा कैंट RPF कांड में चौंकाने वाला खुलासा, हिल गया पूरा रेलवे विभाग, देखें VIDEO
Agra Cantt RPF Case: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन आरपीएफ कांड में उच्चस्तरीय जांच का बड़ा खुलासा। 22 गवाहों के बयानों में आरपीएफ कर्मी दोषी करार, डिप्टी एसएस को फंसाने की साजिश बेनकाब।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
Agra Railway Station RPF vs Deputy SS Dispute: उत्तर मध्य रेलवे के आगरा कैंट स्टेशन पर 12 जुलाई को हुए चर्चित आरपीएफ और डिप्टी एसएस विवाद मामले में एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। उस दौरान हीराकुंड एक्सप्रेस में चढ़ रही एक महिला यात्री की जान बचाने के लिए डिप्टी एसएस द्वारा लोको पायलट को दिए गए निर्देश के बाद शुरू हुआ यह विवाद तूल पकड़ गया था, जिसमें आरपीएफ कर्मियों पर डिप्टी एसएस के साथ मारपीट और उनकी वर्दी फाड़ने के गंभीर आरोप लगे थे।
इस मामले में बैठाई गई उच्चस्तरीय जांच कमेटी के सामने 22 लोगों ने अपनी गवाही दर्ज कराई है, जिसकी रिपोर्ट के मुताबिक अब आरपीएफ के लोग पूरी तरह दोषी साबित हो रहे हैं। शुरुआती दौर में डिप्टी एसएस पर झूठे आरोप लगाकर आरपीएफ कर्मियों को बचाने और मामले को दबाने की भरपूर कोशिश की गई थी, लेकिन अब जांच में सच सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन और डीआरएम द्वारा सख्त कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
Agra Railway Station RPF vs Deputy SS Dispute: उत्तर मध्य रेलवे के आगरा कैंट स्टेशन पर 12 जुलाई को हुए चर्चित आरपीएफ और डिप्टी एसएस विवाद मामले में एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। उस दौरान हीराकुंड एक्सप्रेस में चढ़ रही एक महिला यात्री की जान बचाने के लिए डिप्टी एसएस द्वारा लोको पायलट को दिए गए निर्देश के बाद शुरू हुआ यह विवाद तूल पकड़ गया था, जिसमें आरपीएफ कर्मियों पर डिप्टी एसएस के साथ मारपीट और उनकी वर्दी फाड़ने के गंभीर आरोप लगे थे।
इस मामले में बैठाई गई उच्चस्तरीय जांच कमेटी के सामने 22 लोगों ने अपनी गवाही दर्ज कराई है, जिसकी रिपोर्ट के मुताबिक अब आरपीएफ के लोग पूरी तरह दोषी साबित हो रहे हैं। शुरुआती दौर में डिप्टी एसएस पर झूठे आरोप लगाकर आरपीएफ कर्मियों को बचाने और मामले को दबाने की भरपूर कोशिश की गई थी, लेकिन अब जांच में सच सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन और डीआरएम द्वारा सख्त कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
