स्टेशन मास्टर पर आरपीएफ का जानलेवा हमला! भड़के रेलवे कर्मचारी, कमांडेंट पर भी गिरेगी गाज? देखें VIDEO
Agra RPF vs Station Master: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और डिप्टी स्टेशन मास्टर के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ा। विभिन्न संगठनों ने की बर्खास्तगी की मांग, जल्द हो सकते हैं बड़े फैसले।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
Agra Cantt Railways Station Master Controversy: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर के साथ आरपीएफ कर्मियों और बाहरी लोगों द्वारा कथित तौर पर मारपीट और हाथापाई की एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसने पूरे रेलवे महकमे में हलचल मचा दी है। इस घटना के विरोध में ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन, एनसीआरएमयू और एक्स-सर्विसमैन एसोसिएशन जैसे विभिन्न रेलवे संगठनों ने आगरा रेल डिवीजन कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपी आरपीएफ कर्मियों को तत्काल सेवा से बर्खास्त करने की मांग की।
रेलवे प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है और जीआरपी ने इस मामले में संलिप्त तीन बाहरी लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसके अलावा, आरपीएफ कमांडेंट राजमोहन पी द्वारा बिना अनुमति के प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरपीएफ कर्मियों का पक्ष लेने और समर्थन करने के मामले ने विवाद को और बढ़ा दिया है, जिसके चलते उन पर भी सख्त विभागीय कार्रवाई और तबादले की तलवार लटक रही है। रेलवे बोर्ड के स्तर पर इस संवेदनशील प्रकरण की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और आने वाले दिनों में कुछ बड़े तथा कड़े प्रशासनिक फैसले लिए जाने की पूरी संभावना है।
Agra Cantt Railways Station Master Controversy: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर के साथ आरपीएफ कर्मियों और बाहरी लोगों द्वारा कथित तौर पर मारपीट और हाथापाई की एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसने पूरे रेलवे महकमे में हलचल मचा दी है। इस घटना के विरोध में ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन, एनसीआरएमयू और एक्स-सर्विसमैन एसोसिएशन जैसे विभिन्न रेलवे संगठनों ने आगरा रेल डिवीजन कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपी आरपीएफ कर्मियों को तत्काल सेवा से बर्खास्त करने की मांग की।
रेलवे प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है और जीआरपी ने इस मामले में संलिप्त तीन बाहरी लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसके अलावा, आरपीएफ कमांडेंट राजमोहन पी द्वारा बिना अनुमति के प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरपीएफ कर्मियों का पक्ष लेने और समर्थन करने के मामले ने विवाद को और बढ़ा दिया है, जिसके चलते उन पर भी सख्त विभागीय कार्रवाई और तबादले की तलवार लटक रही है। रेलवे बोर्ड के स्तर पर इस संवेदनशील प्रकरण की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और आने वाले दिनों में कुछ बड़े तथा कड़े प्रशासनिक फैसले लिए जाने की पूरी संभावना है।
