(फोटो सोर्स एएनआई)
देहरादून : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित चारों धामों के शीतकालीन प्रवास स्थलों की यात्रा शुरू करने निर्देश दिए हैं। देहरादून में शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने केदारनाथ, बदरीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के शीतकालीन प्रवास स्थलों के लिए यात्रा शुरू करने के निर्देश दिने के साथ अधिकारियों को यात्रा के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए।
बैठक में उन्होंने कहा कि शीतकालीन प्रवास स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए GMVN के होटलों में रुकने पर किराये में 10 प्रतिशत की छूट भी दी जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वे अगले हफ्ते शीतकालीन प्रवास स्थलों की यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा भी करेंगे।
बता दें कि हर साल अक्टूबर-नवंबर माह में यहां चार धामों केदारनाथ, बदरीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और यात्रा का समापन हो जाता है। इसके बाद चारों धामों के मंदिरों में स्थापित देवी-देवताओं की मूर्तियों को उनके शीतकालीन प्रवास स्थल ले जाया जाता है जहां शीतकाल के दौरान उनकी पूजा-आराधना की जाती है। गंगोत्री मंदिर से मां गंगा की डोली को उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा लाया जाता है जबकि यमुनोत्री मंदिर से मां यमुना की डोली को खरसाली लाया जाता है। वहीं, भगवान केदारनाथ को उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में स्थापित किया जाता है, तो वहीं भगवान बदरीनाथ को उनके शीतकालीन प्रवास स्थल जोशीमठ के नरसिंह मंदिर में लाया जाता है।
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अप्रैल-मई माह में खुलते हैं चारों धामों के कपाट शीतकाल के समाप्त होते ही अप्रैल-मई माह में दोबारा इस मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाते हैं। इस दौरान 6 महीने के यात्रा सीजन में यहां देश विदेश के लाखों श्रद्धालु चार धामों के दर्शन के लिए आते हैं। विश्व प्रसिद्ध चार धाम यात्रा को गढ़वाल की आर्थिकी की रीढ़ माना जाता है। बात करें साल 2024 के आंकड़ों की तो यहां इस बार चार धामों के दर्शनों के लिए लगभग 46 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे।
(एजेंसी इनपुट के साथ)