कांवड़ यात्रा से ठीक पहले बंद हुआ ऋषिकेश का राम झूला, जानिए दिसंबर तक क्यों पर्यटकों को करना होगा इंतजार
Ram Jhula Rishikesh: सुरक्षा कारणों से ऋषिकेश का ऐतिहासिक 'राम झूला' दिसंबर तक बंद कर दिया गया है। 10 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले रिपेयर वर्क और कांवड़ यात्रा पर पड़ने वाले असर की पूरी जानकारी।
- Written By: अनन्या तिवारी
ऋषिकेश का राम झूला (सोर्स-सोशल मीडिया)
10 Crore Budget Sanctioned For Ram Jhula Renovation PWD: उत्तराखंड की योग नगरी ऋषिकेश की पहचान और गंगा नदी पर बना ऐतिहासिक ‘राम झूला’ अब अगले कुछ महीनों तक पर्यटकों और श्रद्धालुओं की पहुंच से दूर रहेगा। अगर आप भी गंगा की लहरों के ऊपर बने इस झूला पुल पर चलने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। करीब चार दशक पुराने इस पुल को सुरक्षा कारणों और व्यापक मरम्मत के लिए शनिवार शाम से दोनों ओर से पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
40 साल की विरासत
साल 1986 में बना राम झूला ऋषिकेश के गौरवमयी इतिहास का हिस्सा है। यह पुल न केवल पर्यटन का केंद्र है, बल्कि पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल जिलों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा भी है। करीब 220 मीटर लंबे और दो मीटर चौड़े इस सस्पेंशन ब्रिज ने पिछले 40 सालों में करोड़ों लोगों को गंगा के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुँचाया है। हालांकि, समय की मार और भारी आवाजाही के कारण इसकी संरचना अब कमजोर पड़ने लगी थी।
इसलिए लिया गया बंद करने का बड़ा फैसला
राज्य सरकार ने पुल की सुरक्षा और मजबूती को ध्यान में रखते हुए इसके नवीनीकरण, अपग्रेडेशन और सुदृढ़ीकरण के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार, पुल की नींव और इसकी मुख्य सस्पेंशन केबल के कुछ हिस्सों में गंभीर क्षति देखी गई थी। इसके अलावा, पुल की संरचना में दरारें और अन्य तकनीकी समस्याएं भी सामने आई थीं। साल 2019 और 2023 की मानसूनी बारिश के दौरान भी इसे सुरक्षा के लिहाज से अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े हादसे को टालने के लिए इसका व्यापक स्तर पर रिपेयर होना बेहद जरूरी है।
सम्बंधित ख़बरें
पिंपरी-चिंचवड़ में बनेगी नई सार्वजनिक स्वच्छता नीति, नागरिकों के सुझावों से सुधरेंगे सार्वजनिक शौचालय
मुंबई के विकास को मिलेगी रफ्तार, बीएमसी जुटाएगी 9,500 करोड़ रुपए का बॉन्ड; देश का सबसे बड़ा नगर निगम बॉन्ड
8 साल बाद भी अधूरी पुणे की समान जलापूर्ति योजना, बढ़े वाटर टैक्स के बावजूद नहीं मिली नियमित सप्लाई
मुंबई मेट्रो लाइन-2बी का स्टील स्ट्राइक, बांद्रा के केबल-स्टे ब्रिज पर 70 टन का सेगमेंट फिट, रचा इंजीनियरिंग
दिसंबर तक चलेगा काम
नरेंद्रनगर डिवीजन (PWD) के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल के मुताबिक, पुल की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों का लक्ष्य है कि दिसंबर 2026 तक मरम्मत और मजबूती का काम पूरा कर लिया जाए, ताकि साल के अंत तक इसे फिर से आम जनता और पर्यटकों के लिए सुरक्षित रूप से खोला जा सके।
यह भी पढ़ें तमिलनाडु में पेयजल संकट गहराया, सूखते जलाशय और 8 जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट, क्या बारिश देगी राहत?
कांवड़ यात्रा पर पड़ेगा असर
पुल को बंद करने के समय को लेकर स्थानीय व्यापारियों ने नाराजगी जाहिर की है। व्यापारियों का कहना है कि सावन का महीना चल रहा है और जल्द ही कांवड़ यात्रा में लाखों श्रद्धालु ऋषिकेश पहुंचेंगे। नीलकंठ महादेव मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए राम झूला एक मुख्य मार्ग रहा है। व्यापारियों का तर्क है कि प्रशासन को मरम्मत का काम कांवड़ यात्रा समाप्त होने के बाद शुरू करना चाहिए था, क्योंकि इसके बंद होने से स्थानीय बाजारों और कारोबार पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।
ऋषिकेश आने वाले पर्यटकों को अब वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना होगा। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है ताकि भविष्य में यह ऐतिहासिक पुल और भी अधिक सुरक्षित और सुदृढ़ होकर श्रद्धालुओं का स्वागत कर सके।
