Neelkanth Mahadev Temple: सावन के महीने की शुरुआत हो चुकी है जिसके बाद हर कोई भोलेनाथ के दर्शन के लिए आसपास स्थित प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर खोज रहा है। भारत में कई ऐसी जगह है जहां पर भगवान शिव के शानदार और चमत्कारी मंदिर है जहां हर साल सावन पर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। अगर आप भी भोलेनाथ के भक्तों हैं तो ऋषिकेश में स्थित इस शिव मंदिर के दर्शन करना मिस नहीं कर सकते हैं।
नीलकंठ महादेव मंदिर
उत्तराखंड का ऋषिकेश बहुत ही खूबसूरत और पवित्र शहर है जहां हर साल पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। इस आध्यात्मिक नगरी में आप सावन के शुभ अवसर पर भगवान शिव के चमत्कारी मंदिर के दर्शन करने का प्लान कर सकते हैं। इस मंदिर का नाम नीलकंठ महादेव मंदिर है। यह ऋषिकेश से करीब 32 किमी की दूरी पर स्थित है। यह भगवान भोलेनाथ के चमत्कारी मंदिरों में से एक माना जाता है।
मंदिर से जुड़ी पौराणिक कथा
मान्यताओं के अनुसार नीलकंठ महादेव मंदिर में भगवान शिव के दर्शन करने से और सच्चे मन से पूजा करने से उनकी मुरादें पूरी होती है। इस मंदिर की बनावट अन्य मंदिरों से काफी अलग है। पौराणिक कथा के अनुसार यह वही स्थान है जहां पर भगवान शिव ने समुद्र मंथन से निकले विष का पान किया था। जिसकी वजह से
भगवान शिव का कंठ नीला हो गया था और उनका नाम नीलकंठ पड़ गया।
भक्त की इस मंदिर को लेकर काफी आस्था है जिसकी वजह से दूर दूर से लोग यहां पर आते हैं। इस मंदिर की वास्तुकला की बात करें तो वह सबसे अनोखी है। रंग बिरंगे और आकर्षक डिजाइन इस मंदिर को खास बनाते हैं। इसके प्रवेश द्वार के ऊपर देवताओं और राक्षसों की मूर्तियां समुद्र मंथन की पौराणिक कथा का दृश्य पेश किया गया है।