

Haridwar Kanwar Yatra Controversy: उत्तराखंड के हरिद्वार में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कार से लगी हल्की टक्कर के बाद बेहद तनावपुर्ण माहौल बन गया। देखते ही देखते कई कांवड यात्रियों ने एक कार पर जमकर तोड़फोड़ की और मौके पर भारी भीड़ जम गई। कार सवारों के साथ मारपीट और तोड़फोड़ का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसे लेकर कांवड यात्रा के दौरान किए गए सूरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि जिस कार पर हमला किया गया वह हरियाणा नंबर की थी। बताया जा रहा है कि कार कांवड़ियों से साइड में टच हो गया था जिसके बाद कुछ लोगों ने कार पर हमला कर दिया। वायरल वीडियो में साफ तौर पर कार के शीशे और बॉडी को नुकसान पहुंचाते हुए भीड़ दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि कार सवार जान बचाकर वहां से भागने का प्रयास कर रहे थे लेकिन कुछ लोगों ने उनका पीछा कर उनके साथ भी मारपीट की।
https://twitter.com/Benarasiyaa/status/2083585949334995290
वायरल वीडियो में जब मारपीट हुई तब मौके पर पुलिसकर्मी भी दिखाई दे रहे है लेकिन उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे है। क्योंकि पुलिसकर्मी वहां मौजूद तो है लेकिन मूकदर्शक बनकर मात्र तमाशा देख रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार हरियाणा पंजीकृत थी और उसमें सवार लोग भी कांवड़ यात्रा से जुड़े श्रद्धालु थे। लेकिन सड़क पर अत्यधिक भीड़ होने के कारण कार कांवड़ियों से हल्का टच हो गया जिसके बाद कांवड़ियों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने कार में तोड़फोड़ शुरू कर दी। कांवड़ियों ने कार सवारो को दौड़ा- दौड़ा कर पीटा। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
https://twitter.com/Sachingupta/status/2083596528908959911
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। जिसे देखकर कई यूजर्स ने गंभीर आरोप लगाए। कहा जा रहा है कि अगर पुलिस समय रहते हस्तक्षेप करती तो शायद मामला आगे ना बढ़ता। बता दें कि हरिद्वार में हर साल कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी प्रशासन ने भारी भीड़ से निपटने के लिए और यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन, अतिरिक्त पुलिस बल और सफाई कर्मियों की तैनाती भी की थी।
लेकिन आए दिन हो रहे मारपीट ने एक बार फिर प्रशासन की भुमिका पर कई सवाल खड़े कर दिए है। जहां एक ओर लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है तो वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे प्रशासनिक लापरवाही का नाम दे रहे है। फिलहाल पूरा मामला क्या है और इस घटना का वास्तविक कारण क्या है यह पूरी जांच के बाद ही पता चला पाएगा।