

Sanjay Raut Abuses BJP Minister Jaykumar Gore: महाराष्ट्र की राजनीति में जुबानी जंग अब मर्यादाओं की सीमा लांघती नजर आ रही है। शिवसेना यूबीटी के सांसद और फायरब्रांड नेता संजय राउत एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं।
शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान राउत का गुस्सा इस कदर भड़का कि उन्होंने भाजपा नेता और राज्य के ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल किया। दिलचस्प बात यह रही कि अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते समय उन्होंने मीडिया कैमरों की परवाह नहीं की और साफ शब्दों में कहा इसे काटना मत, इसे ऐसे ही चलने दो।
दरअसल, विवाद की शुरुआत मंत्री जयकुमार गोरे के उस बयान से हुई जिसमें उन्होंने उद्धव ठाकरे पर तंज कसा था। गोरे ने कहा था कि आगामी चुनाव में उद्धव ठाकरे, युवा कार्यकर्ता अभिजीत दीपके के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे। इस टिप्पणी ने संजय राउत को इस कदर नाराज कर दिया कि उन्होंने कैमरे के सामने ही आपा खो दिया। राउत ने गोरे को गाली देते हुए पलटवार किया और कहा कि अभिजीत दीपके ने तुम्हारे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि दीपके की वजह से ही अमित शाह और पीएम मोदी बिलों में छिपकर बैठे हैं।
संजय राउत केवल जयकुमार गोरे पर ही नहीं रुके, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में साझा किए गए एक वीडियो संदेश पर भी तीखा निशाना साधा। उस वीडियो में पीएम मोदी ने उन्हें गाली देने वाले युवाओं को माफ करने की बात कही थी। इस पर राउत ने तंज कसते हुए सवाल किया, ये माफ करने वाले कौन होते हैं? क्या हमने कभी उनसे माफी मांगी? उन्होंने आरोप लगाया कि यह पीएम की एक और आत्मसमर्पण है और उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए उन्हें अपने सलाहकार बदल लेने चाहिए।
अपने चिर-परिचित व्यंग्यात्मक अंदाज में राउत ने भाजपा नेता चंद्रकांत पाटिल को भी नहीं बख्शा। उन्होंने पाटिल को महान वैज्ञानिक करार देते हुए कहा कि वह पत्थरों के निशान इकट्ठा करने का काम कर रहे हैं। राउत ने कहा, पाटिल इतने बड़े वैज्ञानिक हैं कि उनके आगे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भी पीछे रह जाएंगे। कलाम के बाद अब पाटिल को विज्ञान का पुरस्कार मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कैसे अमित शाह और मोदी ने मिलकर बालासाहेब ठाकरे की पार्टी को तोड़ा, जिसका दुख आज भी शिवसैनिकों के मन में है।
संजय राउत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अभिजीत दीपके जैसे युवा भाजपा को सत्ता से बेदखल किए बिना शांत नहीं बैठेंगे। उन्होंने सातार का प्रतिनिधित्व करने वाले जयकुमार गोरे को अपनी मर्यादा में रहने की सलाह दी। इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
एक तरफ जहां भाजपा राउत के खिलाफ आक्रामक रुख अपना रही है, वहीं राउत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी भाषा और तेवर बदलने वाले नहीं हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राउत की इस 'गाली पॉलिटिक्स' के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले दिनों में और अधिक कड़वाहट देखने को मिल सकती है।