उत्तराखंड में 'मिशन 2027' की तैयारी? धामी सरकार ने साधा जातीय संतुलन, चुनाव से पहले इन 5 चेहरों पर लगाया दांव

Uttarakhand Cabinet News: CM धामी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया गया है। एक विधायक अनुसूचित जाति, एक ब्राह्मण विधायक, दो ठाकुर विधायक और एक पंजाबी विधायक को मंत्री बनाया गया है।
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CM धामी के साथ 5 नए मंत्री (Image- Social Media)
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Uttarakhand Cabinet Expansion: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया गया है। शुक्रवार सुबह 10:00 बजे लोक भवन में नए कैबिनेट मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। अब धामी मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।

राजपुर सीट से विधायक खजान दास, रुड़की विधानसभा से प्रदीप बत्रा, हरिद्वार से पांच बार के विधायक मदन कौशिक, नैनीताल के भीमताल सीट से राम सिंह कैड़ा, और रुद्रप्रयाग सीट से भरत चौधरी इस कैबिनेट विस्तार में शामिल किए गए हैं। इस विस्तार के माध्यम से धामी सरकार ने जातीय संतुलन बनाने की कोशिश की है। नए मंत्रियों में एक अनुसूचित जाति, एक ब्राह्मण, दो ठाकुर, और एक पंजाबी प्रतिनिधि शामिल हैं।

जातीय समीकरण साधने की कोशिश

खजान दास (अनुसूचित जाति): राजपुर सीट से लगातार दो बार चुनाव जीत चुके खजान दास पूर्व भुवन खंडूरी सरकार में शिक्षा राज्यमंत्री रह चुके हैं। 2007 में उन्होंने टिहरी जिले से चुनाव जीता था। बीजेपी संगठन में भी उनकी अच्छी पकड़ है और वे फिलहाल पार्टी के प्रवक्ता भी हैं।

प्रदीप बत्रा (पंजाबी समाज): रुड़की विधानसभा से तीन बार विधायक चुने गए प्रदीप बत्रा पंजाबी समाज से आते हैं। वे कांग्रेस के कुछ बागी विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल हुए थे और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

मदन कौशिक (ब्राह्मण): हरिद्वार से पांच बार विधायक रहे मदन कौशिक बीजेपी के बड़े ब्राह्मण चेहरों में शामिल हैं। वे पूर्व मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं।

राम सिंह कैड़ा (ठाकुर): भीमताल सीट से दो बार विधायक चुने गए राम सिंह कैड़ा पहली बार बीजेपी के टिकट पर विधायक बने हैं। उन्होंने 2017 में निर्दलीय के तौर पर भीमताल से जीत हासिल की थी। कैड़ा का राजनीतिक करियर छात्र राजनीति से शुरू हुआ और वे लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे।

भरत चौधरी (ठाकुर): रुद्रप्रयाग से दो बार विधायक रहे भरत चौधरी राजनीति में चार दशक से सक्रिय हैं। उन्हें मंत्री बनाकर बीजेपी ने क्षेत्रीय संतुलन का संदेश दिया। उन्होंने शपथ संस्कृत भाषा में ली।

इस कैबिनेट विस्तार के साथ धामी सरकार ने राजनीतिक संतुलन और जातीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए अपने मंत्रिमंडल को मजबूत किया है।

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