Badrinath Temple Donation Dispute: बीकेटीसी ने कोषाध्यक्ष का किया तबादला, सामने आई 18 पन्नों की रिपोर्ट

Badrinath Temple Donation Scam: बद्रीनाथ मंदिर में दान प्रबंधन विवाद के बीच BKTC ने कोषाध्यक्ष का तबादला किया है। CEO ने कहा कि रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर मिला है।
Badrinath Temple Donation Dispute: BKTC transfers treasurer, 18-page report released
बद्रीनाथ मंदिर (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Badrinath Temple Donation Controversy CEO Transferred: उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर में दान प्रबंधन को लेकर उठे विवाद के बीच श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने अपने कोषाध्यक्ष का तबादला कर दिया है। समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई प्रशासनिक आधार पर की गई है और कोषाध्यक्ष को हटाया नहीं गया है। उन्होंने बताया कि विभागीय जांच के दौरान डबल-लॉक में रखे चांदी के सामान और रजिस्टर में दर्ज विवरण के बीच अंतर पाया गया।

जांच में वास्तविक स्टॉक रजिस्टर में दर्ज मात्रा से अधिक मिला, जिससे रिकॉर्डिंग में मानवीय त्रुटि या ओवरराइटिंग की आशंका जताई गई है। सीईओ ने कहा कि यदि सामान कम मिलता तो गबन की आशंका मजबूत होती, लेकिन अधिक मात्रा मिलने के कारण मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। उन्होंने दान में मिली एम्बुलेंस और लैपटॉप गायब होने के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि सभी संपत्तियों का रिकॉर्ड उपलब्ध है। इस बीच, चार सदस्यीय जांच समिति ने अपनी 18 पन्नों की रिपोर्ट बीकेटीसी को सौंप दी है, जिसमें दान प्रबंधन से जुड़े कई पहलुओं का उल्लेख किया गया है।

रिकॉर्ड और स्टॉक में मिला अंतर

सोहन सिंह ने बातचीत में कहा कि कोषाध्यक्ष को हटाया नहीं, उनका तबादला किया गया है। एक जांच टीम ने हमें डबल-लॉक में रखी कुछ चीजों, खासकर चांदी से बनी चीजों के बारे में रिपोर्ट दी थी। उस सामान और रजिस्टर में की गई एंट्री के बीच अंतर था। रजिस्टर में दर्ज मात्रा कम थी, जबकि असल में वहां मिला सामान ज्यादा था। पूरी संभावना है कि यह मानवीय भूल थी। अगर यह दर्ज मात्रा से कम होती, तो मैं कहता कि इसमें से कुछ सामान निकाल लिया गया है।

कोषाध्यक्ष का किया गया तबादला

हालांकि, मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि धान के पवित्र स्थल से मिली धातुएं और गहने रजिस्टर में की गई एंट्री से ज्यादा थे, इसलिए हो सकता है कि इसे ओवरराइट किया गया हो। मामले की संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए, कोषाध्यक्ष का तबादला कर दिया गया है।

एम्बुलेंस और लैपटॉप पर सीईओ का जवाब

बीकेटीसी के सीईओ ने उन आरोपों का भी खंडन किया कि दान में मिले लैपटॉप और एम्बुलेंस गायब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास तीन एम्बुलेंस थीं, जिनमें से एक को 'बेकार' घोषित कर दिया गया और 2016 में उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए नीलाम कर दिया गया। दूसरी एम्बुलेंस औपचारिक रूप से सीएमओ रुद्रप्रयाग को सौंप दी गई और तीसरी ऊखीमठ (कस्बे) में है। उन्होंने कहा कि दान में मिले लैपटॉप कर्मचारियों के बीच बांट दिए गए थे। जांच करने पर हमें पता चला कि वे अभी भी कर्मचारियों के पास ही हैं।

बद्रीनाथ धाम में एक से ज्यादा बार हुई चोरी

इस बीच श्री बद्रीनाथ धाम में दान के कथित गबन की जांच के लिए बनाई गई विभागीय टीम ने अपनी जांच पूरी कर ली है और सीईओ को रिपोर्ट सौंप दी है। जांच के मुताबिक, शुरुआती नतीजों से पता चलता है कि भक्तों के चढ़ावे और कीमती सामान की चोरी सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि कई बार हुई।

प्रशासनिक पारदर्शिता पर बीकेटीसी का जोर

सूत्रों के अनुसार, चार सदस्यीय जांच टीम ने पूरी घटना और जांच के नतीजों का ब्योरा 18 पन्नों की रिपोर्ट में दिया है। श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने अनुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 7 जुलाई को बड़ी कार्रवाई की थी। चेयरमैन के कार्यालय में तैनात पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया था।

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