देवभूमि के बेटी को कब मिलेगा इंसाफ? उत्तराखंड की सड़कों पर छाया सन्नाटा, CBI जांच के बाद कांग्रेस की नई मांग

Uttarakhand Bandh: अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और मामले में VIP की कथित भूमिका की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के जज की देखरेख में CBI जांच की मांग को लेकर उत्तराखंड में बंद का आह्वान किया गया
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अंकिता भंडारी और गैरसैंण में बंद का नजारा (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग रविवार को एक बार फिर उत्तराखंड की सड़कों पर उठी। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और मामले में VIP की कथित भूमिका की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के जज की देखरेख में CBI जांच की मांग को लेकर पूरे उत्तराखंड में बंद का आह्वान किया गया था।

उत्तराखंड बंद का असर खासकर रुद्रप्रयाग में देखने को मिला। केदार घाटी के ज्यादातर बाज़ार आज पूरी तरह बंद रहे। अगस्त्यमुनि, चंद्रनगर, चंद्रपुरी, तिलवाड़ा, भीरी, सोनप्रयाग और फाटा के बाज़ार बंद रहे। ज़िला मुख्यालय रुद्रप्रयाग का बाज़ार भी बंद रहा, सिर्फ़ कुछ दुकानें खुली थीं। पहाड़ों की बेटी अंकिता भंडारी के लिए न्याय की मांग करते हुए रुद्रप्रयाग का बाज़ार बंद रहा। रुद्रप्रयाग में व्यापारियों ने सुबह 11 बजे के बाद अपनी दुकानें बंद कर दीं।

ग्रीष्मकालीन राजधानी में सन्नाटा

राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण इलाके में भी व्यापार संघों और टैक्सी यूनियनों ने बंद में हिस्सा लिया। व्यापार संघ और टैक्सी यूनियनों ने अंकिता के समर्थन में पूरी तरह बंद का आह्वान किया है। जिसके परिणाम स्वरूप बाज़ार के साथ-साथ वाहन और दुकानें भी पूरी तरह से बंद रहीं। अल्मोड़ा ज़िले में अंकिता भंडारी हत्याकांड के विरोध में उत्तराखंड बंद का मिला-जुला असर रहा। रानीखेत में बाज़ार पूरी तरह खुले रहे, जबकि द्वाराहाट और चौखुटिया के कुछ बाज़ार बंद रहे।

इन जिलों में भी बंद रहे बाजार

अंकिता भंडारी हत्याकांड के विरोध में उत्तराखंड बंद का टिहरी जिले में आंशिक और पूर्ण असर रहा। कई इलाकों में बाज़ार बंद रहे, जबकि अन्य जगहों पर सामान्य गतिविधियां जारी रहीं। UKD और कांग्रेस सहित विभिन्न संगठनों और व्यक्तियों ने विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सामाजिक संगठनों द्वारा बुलाए गए उत्तराखंड बंद का पौड़ी और श्रीनगर में व्यापक असर रहा। शहर के इलाके में दोपहर 12 बजे तक बाज़ार पूरी तरह बंद रहे, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। हालांकि, मेडिकल स्टोर खुले रहे और दौरान शराब की दुकानें भी खुली रहीं।

पौड़ी, श्रीनगर, कोटद्वार और अन्य इलाकों में व्यापारियों ने हड़ताल के समर्थन में स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद कर दीं। हड़ताल का आह्वान करने वाले सामाजिक संगठनों ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जज की देखरेख में CBI जांच ज़रूरी है। संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें तुरंत नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।

कांग्रेस पार्टी ने की नई मांग

कांग्रेस पार्टी का मानना ​​है कि जब तक जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज की देखरेख में नहीं होती, तब तक जांच बेकार होगी और अंकिता को न्याय नहीं मिलेगा। इसी मांग के चलते हरिद्वार ग्रामीण इलाके में मीठी बेरी गांव से लालढांग तक एक पदयात्रा निकाली गई, जिसका नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत और हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण इस मार्च में शामिल हुए और अंकिता के लिए न्याय की मांग की।

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