योगी सरकार का बड़ा तोहफा, शिक्षामित्रों का मानदेय हुआ दोगुना! हाईटेक बस अड्डे की भी मिली मंजूरी

Yogi Cabinet Decision: सीएम योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी की है। साथ ही प्रदेश में 49 आधुनिक बस स्टेशनों के निर्माण को मंजूरी दी गई।
A Major Gift from the Yogi Government in UP: Honorarium for Shiksha Mitras Nearly Doubled; Approval Also Granted for a High-Tech Bus Terminal.
सीएम योगी आदित्यनाथ, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Yogi Cabinet Decision Shiksha Mitra Salary Hike: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के लाखों परिवारों को बड़ी सौगात देते हुए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक में कुल 22 प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई।

इस कैबिनेट बैठक के केंद्र में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मी और प्रदेश का बुनियादी ढांचा रहा। सरकार ने न केवल शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की लंबे समय से चली आ रही मानदेय वृद्धि की मांग को पूरा किया बल्कि परिवहन क्षेत्र में भी 'एयरपोर्ट' जैसी सुविधाओं की नींव रख दी है।

अनुदेशकों के वेतन में जबरदस्त उछाल

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षा क्षेत्र के लिए आज का दिन एक नई सुबह लेकर आया है। योगी कैबिनेट (Yogi Cabinet Decision) ने शिक्षामित्रों के मानदेय में 8,000 रुपये की सीधी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। अब तक शिक्षामित्रों को प्रतिमाह 10,000 रुपये का मानदेय मिलता था, जिसे बढ़ाकर अब 18,000 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह, अनुदेशकों के मानदेय में भी 8,000 रुपये का इजाफा किया गया है जिससे उनका वेतन 9,000 रुपये से बढ़कर 17,000 रुपये प्रतिमाह हो जाएगा। सरकार के इस निर्णय से लाखों शिक्षाकर्मियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी। कैबिनेट ने स्पष्ट किया है कि यह बढ़ी हुई राशि 1 मई 2026 से प्रभावी होगी और सभी पात्रों के बैंक खातों में सीधे भेजी जाएगी।

एयरपोर्ट की तर्ज पर बनेंगे 49 बस अड्डे

प्रदेश में यातायात और यात्री सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। परिवहन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कैबिनेट ने पीपीपी मॉडल (Public Private Partnership) पर 49 नए बस अड्डों के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। ये बस अड्डे पूरी तरह से आधुनिक होंगे और यात्रियों को यहां हवाई अड्डों जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इस परियोजना से प्रदेश के 52 जिले सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। गौरतलब है कि पहले चरण में 23 बस अड्डों की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी और अब 49 और नए स्टेशनों को जोड़ने से यूपी का परिवहन नेटवर्क पूरी तरह से बदल जाएगा।

बुनियादी ढांचे के लिए भूमि हस्तांतरण को मंजूरी

इन अत्याधुनिक बस स्टेशनों के निर्माण के लिए सरकार ने जमीन की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर दी है। हाथरस के सिकंदराराऊ में बस अड्डे के निर्माण के लिए कृषि विभाग की 2 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क देने पर सहमति बनी है।

इसके अतिरिक्त, बुलंदशहर के डिबाई में सिंचाई विभाग और बलरामपुर के तुलसीपुर में लोक निर्माण विभाग (PWD) की जमीन बस अड्डों के निर्माण के लिए हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है। योगी कैबिनेट के ये फैसले आगामी समय में न केवल रोजगार और शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएंगे बल्कि प्रदेश की कनेक्टिविटी को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

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