केशव प्रसाद मौर्य (डिजाइन फोटो)
UP Politics: नए साल में उत्तर प्रदेश में कैबिनेट विस्तार को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच सोमवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस बैठक में कैबिनेट विस्तार पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, इस कैबिनेट फेरबदल में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की उम्मीदें भी पूरी होने की संभावना है।
बीजेपी सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में कई नाम फाइनल हो गए हैं। भूपेंद्र चौधरी को मंत्री बनाया जा सकता है। वह जाट समुदाय से हैं। पाल समुदाय से आने वाली पूजा पाल भी दौड़ में हैं। दौड़ में शामिल अन्य नामों में गुर्जर समुदाय से अशोक कटारिया का नाम भी है।
इसके अलावा पासवान समुदाय से कृष्णा पासवान, कुशवाहा बेल्ट से रामरतन कुशवाहा, ब्राह्मण समाज से मनोज पांडे के साथ-साथ कुर्मी समुदाय से आशीष कुमार आशु और पद्मसेन चौधरी को भी मौका मिल सकता है। वहीं, कायस्थ समुदाय से आकाश सक्सेना और निषाद समुदाय से साध्वी निरंजन ज्योति के नामों पर भी चर्चा हो रही है।
सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन सहयोगियों को या तो एक अतिरिक्त मंत्री मिलेगा या एक अतिरिक्त पोर्टफोलियो। इस कैबिनेट विस्तार में समाजवादी पार्टी की PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति का मुकाबला करने को प्राथमिकता दी जा रही है। लोकसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर बीजेपी का साथ छोड़ने वाले पाल, पासवान, कुशवाहा और कुर्मी समुदायों को प्राथमिकता दी जा रही है।
राजनैतिक गलियारों में चर्चा है कि इस कैबिनेट विस्तार में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का ख्बाव भी पूरा हो सकता है। सियासी चौपालों पर चर्चा हैं कि जितिन प्रसाद के केन्द्रीय राजनीति में जाने के बाद से केशव प्रसाद मौर्य लोक निर्माण विभाग वाला पुराना पोर्टफोलियो चाह रहे हैं। जो फिलहाल सीएम योगी ने अपने पास रखा हुआ है।
यह भी पढ़ें: मोदी-योगी की 1 घंटे की मीटिंग ने बढ़ाया सियासी पारा, कैबिनेट विस्तार से ‘मिशन-27’ तक…क्या हुई बात?
पीएम मोदी के अलावा, सीएम योगी ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात की। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया। गौरतलब है कि पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश बीजेपी का नया अध्यक्ष बनाए जाने के बाद, मकर संक्रांति के बाद कैबिनेट फेरबदल की उम्मीद है। पंकज चौधरी ने भूपेंद्र चौधरी की जगह ली है।