

Bikru Kand Heeru Dubey Release: उत्तर प्रदेश के चर्चित बिकरू कांड में कुख्यात विकास दुबे का करीबी आरोपी हीरू दुबे जेल से रिहा हो गया है। जेल से रिहा होते ही हीरू ने सबसे पहले अपनी पत्नी से मुलाकात की और इसके बाद मीडियाकर्मियों के सामने अपनी बातें कहकर वहां से रवाना हो गया।
2 जुलाई 2020 को हुए चर्चित बिकरू कांड में कुख्यात माफिया विकास दुबे के गरीबी हीरू दुबे को भी आरोपी बनाया गया था हीरू पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। इस पूरे कांड में पुलिस और एसटीएफ ने विकास दुबे समेत 6 अपराधियों को एनकाउंटर में मार गिराया था। 10 जुलाई को विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद हीरू दुबे ने एसटीएफ को चकमा देते हुए वकील के भेष में माटी कोर्ट पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया था।
जेल में बंद हीरू दुबे को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। इसके बाद शुक्रवार देर रात 7:30 बजे हीरू दुबे को कानपुर देहात की माती कोर्ट से रिहा कर दिया गया। बिकरु कांड में गैंगस्टर एक्ट के तहत 30 आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें हीरु दुबे समेत 23 आरोपियों को न्यायालय ने 10 -10 साल की सजा सुनाई थी। जेल से बाहर आते ही हीरू ने अपनी पत्नी से मुलाकात की और भावुक हो गया। इसके बाद उसने साफ कहा कि उसे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था आगे भी न्याय के लिए लड़ाई जारी रहेगी। इस दौरान दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत करने वाले अधिवक्ता अश्वनी त्रिपाठी भी उसे लेने पहुंचे थे।
2 जुलाई 2020 को तत्कालीन बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्रा के नेतृत्व वाली टीम ने विकास दुबे को गिरफ्तार करने के लिए चौबेपुर के बिकरू गांव में पहुंचकर दबिश दी थी लेकिन पुलिस के पहुंचने की सूचना दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को पहले ही मिल चुकी थी जिसके चलते पुलिस से कभी खौफ न खाने वाले विकास दुबे ने अपने साथियों के साथ पहले तो बीच सड़क पर जेसीबी लगाकर पुलिस को अपने पास आने दिया और जैसे ही पुलिस विकास दुबे के गैंग की रेंज में पहुंची विकास दुबे के गैंग ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू कर दी। इससे पूरी घटना में आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इसके बाद यूपी पुलिस और एसटीएफ ने मिलकर छह आरोपियों को एनकाउंटर में मार गिराया था।