

Varanasi Meat Traders Protest: वाराणसी में मीट, मछली और मुर्गा व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। शहर के बाहर कच्चे मांस की दुकानों को स्थानांतरित करने के प्रस्ताव के विरोध में सोमवार को सपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, विभिन्न सामाजिक संगठनों और व्यापारियों ने नगर निगम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा। इसके बाद नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि मानकों का पालन करने वाली दुकानों को शहर के भीतर ही संचालन की अनुमति रहेगी।
वाराणसी नगर निगम द्वारा कुछ समय पहले शहर के भीतर कच्चे मांस की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद व्यापारियों में भारी नाराजगी थी। इसी के विरोध में सोमवार को सैकड़ों की संख्या में व्यापारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता जिगरा पेट्रोल पंप से जुलूस निकालते हुए नगर निगम कार्यालय पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में शामिल व्यापारियों और नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम गरीब व्यापारियों के साथ भेदभाव कर रहा है। प्रदर्शनकारी व्यापारियों ने कहा कि शहर में पका हुआ मांस खुलेआम बिक रहा है, जबकि केवल कच्चे मांस के व्यापारियों पर कार्रवाई की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने इसे दोहरा रवैया बताते हुए आदेश वापस लेने की मांग की।
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के बाद नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शहर के भीतर संचालित मीट, मछली और मुर्गा की दुकानें बंद नहीं कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि जो व्यापारी नगर निगम द्वारा निर्धारित मानकों का पालन करेंगे, वे शहर के अंदर ही अपना कारोबार जारी रख सकेंगे।
नगर आयुक्त ने यह भी बताया कि शहर के बाहर आधुनिक व्यापारिक स्थल विकसित किए जा रहे हैं, ताकि इच्छुक व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें और रोजगार के नए अवसर भी सृजित हों।
नगर आयुक्त के इस आश्वासन के बाद प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों में राहत और खुशी का माहौल देखने को मिला। व्यापारियों ने इसे अपनी एकजुटता की जीत बताया, हालांकि उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से जारी होने वाले अंतिम दिशा-निर्देशों पर उनकी आगे भी नजर बनी रहेगी।