दालमंडी चौड़ीकरण में बड़ा मोड़: 5 मस्जिदों पर ध्वस्तीकरण शुरू, करीमुल्ला बेग मस्जिद से अभियान की शुरुआत

Varanasi Road Widening: दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत पांच मस्जिदों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई है जिसकी शुरुआत करीमुल्ला बेग मस्जिद से हुई, जबकि लंगड़े हाफिज मस्जिद पर फिलहाल रोक है।
Varanasi Daalmandi Road Widening: Demolition Begins at Five Mosques, Campaign Starts with Karimullah Beg Mosque
वाराणसी दालमंडी सड़क चौड़ीकरण (सोर्स- फोटो नवभारत)
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Varanasi Dalmandi Road Widening Project: वाराणसी के बहुप्रतीक्षित दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे छह धार्मिक स्थलों में से पांच पर ध्वस्तीकरण का रास्ता साफ हो गया है। अभियान की शुरुआत दालमंडी स्थित करीमुल्ला बेग मस्जिद से हुई, जहां मस्जिद प्रबंधन ने प्रशासन के साथ सहमति बनने के बाद खुद ही हथौड़ा चलाकर सड़क की जद में आने वाले हिस्से को हटाना शुरू कर दिया।

ड्रोन कैमरों से पूरे क्षेत्र की निगरानी

ध्वस्तीकरण के दौरान पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में रखा गया। बड़ी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, जबकि ड्रोन कैमरों से पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह बनी रहे। प्रशासन के अनुसार, प्रभावित धार्मिक स्थलों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इसी सहमति के बाद मस्जिद प्रबंधन ने स्वयं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रारंभ की।

करीमुल्ला बेग मस्जिद के बाद संगमरमर मस्जिद, अली राजा खान मस्जिद, रंगीले शाह मस्जिद और निशारान मस्जिद पर भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, लंगड़े हाफिज मस्जिद को लेकर मामला न्यायालय में लंबित है और इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के चलते फिलहाल वहां ध्वस्तीकरण पर रोक है।

प्रभावित भवन स्वामियों को मुआवजा दिए जाने का प्रावधान

यह सड़क चौड़ीकरण परियोजना प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास किए गए महत्वाकांक्षी विकास कार्यों में शामिल है। लगभग 216 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में कुल 187 भवन अधिग्रहण और ध्वस्तीकरण की जद में हैं। प्रभावित भवन स्वामियों को करीब 191 करोड़ रुपये मुआवजा दिए जाने का प्रावधान किया गया है।

करीब 630 मीटर लंबी दालमंडी गली को विकसित कर 60 फीट चौड़ा मार्ग बनाया जा रहा है, जिसमें 30 फीट सड़क और दोनों ओर 15-15 फीट चौड़े पैदल मार्ग होंगे। इस परियोजना का उद्देश्य काशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और जाममुक्त मार्ग उपलब्ध कराना है। प्रशासन का कहना है कि परियोजना को चरणबद्ध तरीके से समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाएगा।

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