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राजघाट मस्जिद विवाद: अंजुमन इंतजामिया ने वाराणसी रेलवे के नोटिस पर उठाए 5 बड़े सवाल, कानूनी लड़ाई हुई तेज

Varanasi Railway Notice: वाराणसी के राजघाट स्थित गंज शहीदा मस्जिद को लेकर रेलवे के कथित नोटिस पर अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने नोटिस को अवैध बताते हुए 5 गंभीर सवाल उठाए और पुराने हलफनामे का हवाला दिया।

  • Written By: स्निग्धा श्रीवास्तव
Updated On: Jun 18, 2026 | 02:19 PM

राजघाट मस्जिद विवाद (सोर्स- फोटो नवभारत)

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Varanasi Railway And Rajghat Mosque Dispute: वाराणसी के राजघाट में काशी स्टेशन विस्तार और ऐतिहासिक मस्जिद को हटाने के लिए रेलवे के नोटिस का मामला अब एक बेहद गंभीर और कानूनी मोड़ ले चुका है। कल तक जहां रेलवे प्रशासन अपनी जीत के दावे कर रहा था, वहीं आज अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने रेलवे के इस कथित नोटिस के परखच्चे उड़ाते हुए ऐसी दलीलें और सबूत पेश किए हैं, जिसने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

मस्जिद कमेटी ने रेलवे के इस कदम को सिर्फ अवैध ही नहीं बताया, बल्कि इसे शहर की कानून व्यवस्था बिगाड़ने की एक सोची-समझी बदनीयती करार दिया है। कमेटी ने दावा किया है कि जिस रेलवे ने मस्जिद हटाने का अल्टीमेटम दिया है, उसी रेलवे ने पहले कोर्ट में खुद माना था कि यह मस्जिद मुसलमानों की मिल्कियत है। इतना ही नहीं कमेटी ने दस्तावेजों के साथ यह भी साबित कर दिया है कि जब इस देश में रेलवे का नामोनिशान नहीं था, यह मस्जिद तब से काशी की धरती पर खड़ी है।

आइए जानते है आखिर अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने रेलवे के नोटिस में कौन सी बड़ी कमियां पकड़ी हैं और इतिहास के कौन से पन्ने खोलकर रेलवे को बैकफुट पर धकेल दिया है।

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बिना हस्ताक्षर और तारीख वाले नोटिस

वाराणसी के राजघाट की गंज शहीदा मस्जिद को लेकर रेलवे प्रशासन के दावों पर अब अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने पांच बेहद कड़े और अकाट्य कानूनी प्रहार किए हैं। कमेटी का पहला और सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि रेलवे ने मस्जिद की दीवार पर जो नोटिस चस्पा किया है, उस पर न तो रेलवे के किसी अधिकारी के हस्ताक्षर (दस्तखत) हैं और न ही नोटिस जारी करने की कोई तारीख लिखी हुई है। कमेटी ने सवाल उठाया है कि बिना तारीख और बिना दस्तखत के इस भ्रामक कागज़ को कानूनी नोटिस कैसे माना जाए?

पांच बेहद कड़े सवाल

  1.  बिना दस्तखत-तारीख का नोटिस: कथित रेलवे नोटिस पर न तो किसी सक्षम अधिकारी के दस्तखत हैं और न ही कोई दिनांक दर्ज है। यह पूरी तरह से भ्रामक है।
  2. गलत मुकदमे का हवाला: रेलवे जिस मुकदमा संख्या के खारिज होने का दावा कर रहा है, वह असल में मस्जिद के बाहर पूर्व दिशा की जमीन से संबंधित था, मस्जिद की इमारत से उसका कोई लेना-देना नहीं है।
  3. रेलवे का अपना हलफनामा: इसी मुकदमे में खुद रेलवे प्रशासन ने अपने शपथ-पत्र (Affidavit) में इस जगह पर मस्जिद के वजूद को स्वीकार किया था और इसे मुसलमानों की मिल्कियत (स्वामित्व) तस्लीम किया था।
  4. रेलवे से पुरानी है मस्जिद: यह मस्जिद सन 1034 में बनी है, जो 1883-84 के बंदोबस्त नक्शे में भी दर्ज है। जबकि राजघाट में रेलवे सन 1887 में आई। यानी रेलवे के आने से 850 साल पहले से मस्जिद यहाँ मौजूद है।
  5. हर स्तर पर कानूनी लड़ाई: रेलवे की इस बदनीयती के खिलाफ अंजुमन मसाजिद हर स्तर पर कानूनी लड़ाई लड़ रही है और आगे भी लड़ेगी।

यह भी पढ़ें- Farrukhabad News: खाली बैरक में फंदे से लटका मिला अग्निवीर का शव, बदबू आने पर हुआ खुलासा; जांच में जुटी पुलिस

मस्जिद कमेटी ने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि रेलवे प्रशासन जानबूझकर एक बेहद भ्रामक और गैर-कानूनी नोटिस चिपकाकर वाराणसी नगर की शांति और कानून व्यवस्था को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहा है। कमेटी के इन ठोस और ऐतिहासिक सबूतों के सामने आने के बाद अब गेंद रेलवे और जिला प्रशासन के पाले में है।

मोहम्मद सैयद यासीन , संयुक्त सचिव , अंजुमन इंतजामिया

1883 के पुराने सरकारी नक्शों और खुद वाराणसी रेलवे के पुराने हलफनामे के सामने आने के बाद कानूनी विशेषज्ञों का भी मानना है कि रेलवे के लिए इस ऐतिहासिक ढांचे पर बुलडोजर चलाना या इसे हटाना इतना आसान नहीं होगा। बहरहाल, इस खुलासे के बाद पूरे राजघाट इलाके में तनाव और सरगर्मी दोनों बढ़ गई है।

बिना दस्तखत और बिना तारीख के नोटिस के सहारे एक हजार साल पुरानी मस्जिद को अवैध बताने की इस जल्दबाजी ने रेलवे की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विकास अपनी जगह जरूरी है, लेकिन इतिहास, कानून और विभागीय हलफनामों को ताक पर रखकर की जाने वाली कोई भी एकतरफा कार्रवाई काशी के सौहार्द को बिगाड़ सकती है। अब देखना यह होगा कि अंजुमन इंतजामिया कमेटी के इन 5 बड़े कानूनी सवालों पर रेलवे प्रशासन क्या सफाई पेश करता है।

Rajghat mosque dispute anjuman intezamia raises 5 questions varanasi railway notice

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Published On: Jun 18, 2026 | 02:16 PM

Topics:  

  • Indian Railway
  • Varanasi
  • Varanasi Smart City

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