

Varanasi Dherahi Toll Plaza Protest: वाराणसी के ढेरही टोल प्लाजा पर बुधवार को ‘सड़क नहीं तो टैक्स नहीं’ की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन उग्र हो गया। टोल वसूली के विरोध में बड़ी संख्या में किसान प्लाजा पर पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने सड़क निर्माण पूरा होने से पहले टोल वसूली किए जाने पर सवाल उठाते हुए टोल व्यवस्था का विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और किसानों के बीच जमकर टकराव हुआ। किसानों को मौके से हटाने के प्रयास के दौरान धक्का-मुक्की और हंगामे की स्थिति पैदा हो गई।
आंदोलन को देखते हुए ढेरही टोल प्लाजा और आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। इसी दौरान किसानों और पुलिस के बीच विवाद बढ़ गया। किसानों ने पुलिस पर बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
प्रदर्शन के दौरान किसान नेता अजीत सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बताया गया कि वह किसानों की मांग को लेकर मौके पर विरोध जता रहे थे। आंदोलन के दौरान अजीत सिंह द्वारा कथित तौर पर अपने ऊपर पेट्रोल डालने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई। इसके बाद मौके पर तनाव बढ़ गया और पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर स्थिति को नियंत्रित किया।
किसानों का कहना है कि जिस सड़क के निर्माण को लेकर टोल वसूली की जा रही है, उसका निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में वाहन चालकों और किसानों से टोल वसूली का कोई औचित्य नहीं है। किसानों ने मांग की कि सड़क का निर्माण पूरा होने तक टोल वसूली बंद की जाए।
सुबह से ही किसान ढेरही टोल प्लाजा पर जुटने लगे थे। किसानों ने ‘सड़क नहीं तो टैक्स नहीं’ के नारे लगाए और टोल वसूली का विरोध किया। प्रदर्शन के कारण टोल प्लाजा पर तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया, लेकिन मांगों पर अड़े किसानों और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ गई।
किसानों का कहना है कि सड़क की स्थिति और निर्माण कार्य को देखते हुए पहले सड़क को पूरा कराया जाना चाहिए। इसके बाद ही टोल वसूली की जानी चाहिए। किसानों ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी भी दी है।
इसी बीच अजगरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक टी. राम ने किसानों के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब तक सड़क निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक किसानों के लिए टोल फ्री किया जाएगा। विधायक के इस बयान के बाद ढेरही टोल प्लाजा का मामला और चर्चा में आ गया है।
विधायक के बयान से किसानों को राहत की उम्मीद जगी है, लेकिन टोल वसूली को लेकर प्रशासन की ओर से अलग स्थिति स्पष्ट की गई है। ऐसे में अब प्रशासन और जनप्रतिनिधि के बयानों के बीच स्थिति को लेकर संशय बना हुआ है।
वहीं, वाराणसी के संयुक्त मजिस्ट्रेट ने टोल वसूली को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि 16 किलोमीटर सड़क निर्माण पूरा होने के बाद ही टोल वसूली का प्रावधान लागू किया जाएगा। प्रशासन की ओर से सड़क निर्माण की प्रगति को टोल वसूली से जोड़कर देखा जा रहा है।
इस बयान के बाद किसानों की मांग और प्रशासन की व्यवस्था के बीच अंतर सामने आया है। किसान जहां सड़क का निर्माण पूरा होने तक टोल वसूली रोकने की मांग कर रहे हैं, वहीं प्रशासन 16 किलोमीटर सड़क निर्माण के बाद टोल वसूली के प्रावधान की बात कह रहा है।
ढेरही टोल प्लाजा पर हुए इस घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर स्थिति पर नजर बनाए रखी। टकराव के बाद किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।
फिलहाल किसानों की मुख्य मांग सड़क निर्माण पूरा होने तक टोल वसूली रोकने की है। किसान नेता की हिरासत, पुलिस से टकराव और विधायक के टोल फ्री किए जाने संबंधी बयान के बाद अब सबकी निगाहें प्रशासन और शासन के अगले निर्णय पर टिकी हैं।