

धनतेरस पर मां अन्नपूर्णा के दरबार में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
मां अन्नपूर्णा और कुबेर जी के दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें
पांच दिनों तक होंगे मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन
Goddess Annapurna Shrine: धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी में धनतेरस के पावन अवसर पर मां अन्नपूर्णा के दरबार में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा और कुबेर जी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। साल में विशेष अवसर पर होने वाले इस दिव्य दर्शन को लेकर भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
आधी रात 12 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। हाथों में पूजा की थाली, मन में श्रद्धा और मां के प्रति अटूट विश्वास लिए भक्त घंटों इंतजार कर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
धनतेरस पर मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन को बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि मां अन्नपूर्णा के दर्शन और उनके खजाने का प्रसाद प्राप्त करने से घर में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और खुशहाली आती है।
इसी आस्था के साथ काशी ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के जनपदों और दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दरबार पहुंचे। दर्शन के बाद भक्तों को परंपरानुसार खजाना प्रसाद वितरित किया गया। खजाना पाकर श्रद्धालु खुद को सौभाग्यशाली मानते हुए मां का आशीर्वाद लेते नजर आए।
मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही दर्शनार्थियों का पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे ही रात 12 बजे स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा और कुबेर जी के दर्शन शुरू हुए, पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा।
श्रद्धालु मां के दिव्य स्वरूप की एक झलक पाने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए मंदिर प्रशासन और पुलिस की ओर से आवश्यक इंतजाम किए गए। कतारबद्ध तरीके से भक्तों को दर्शन कराया गया, जिससे व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
धनतेरस के अवसर पर शुरू हुए स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा के दर्शन का सिलसिला पांच दिनों तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के काशी पहुंचने की संभावना है।
मां के दरबार में दर्शन-पूजन के साथ खजाना प्रसाद पाने की विशेष परंपरा भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। काशी की इस प्राचीन धार्मिक परंपरा में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।
मान्यता है कि मां अन्नपूर्णा काशी की अधिष्ठात्री देवी हैं और भगवान शिव की नगरी में अन्न एवं समृद्धि की अधिष्ठात्री के रूप में पूजित हैं। धनतेरस पर उनके स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन और खजाना प्रसाद प्राप्त करने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है।
यही वजह है कि हर साल इस अवसर पर काशी में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलता है। भक्त मां से परिवार की खुशहाली, कारोबार में उन्नति और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
धनतेरस पर मां अन्नपूर्णा के दरबार में उमड़ा यह जनसैलाब एक बार फिर काशी की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सदियों पुरानी परंपराओं की जीवंत तस्वीर पेश कर गया।