राम मंदिर के बाद अब काशी विश्वनाथ मंदिर के चढ़ावे पर उठे सवाल; लाइव गिनती की मांग को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन

Kashi Vishwanath Temple: वाराणसी के वरिष्ठ अधिवक्ता नित्यानंद राय ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दान व चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग करते हुए दान की नियमित गणना कराने की मांग की।
Demand Raised for Live Streaming of Donation Counting at Kashi Vishwanath Temple
लाइव गिनती की मांग (सोर्स- फोटो नवभारत)
Published on: 
Updated on: 

Kashi Vishwanath Temple Live Donation Count: अयोध्या में राम मंदिर के चंदे को लेकर उठे विवाद के बाद अब वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ धाम में भी दान और चढ़ावे की व्यवस्था को लेकर पारदर्शिता की मांग उठने लगी है। वाराणसी के वरिष्ठ अधिवक्ता नित्यानंद राय ने जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मंदिर ट्रस्ट की दान व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने दान और चढ़ावे की नियमित गणना कराने के साथ-साथ उसकी लाइव स्ट्रीमिंग शुरू करने का भी सुझाव दिया है। आइए जानते है उनकी प्रमुख मांगें-

दान की गिनती साल में एक बार किए जाने के बजाय प्रतिदिन हो

देश के प्रमुख आस्था केंद्रों में शामिल श्री काशी विश्वनाथ धाम में हर दिन हजारों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर अपनी श्रद्धा के अनुसार दान और चढ़ावा अर्पित करते हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता नित्यानंद राय का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में आने वाले दान की गिनती साल में केवल एक बार किए जाने के बजाय प्रतिदिन या कम से कम हर महीने कराई जानी चाहिए। उनका मानना है कि नियमित गणना से पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और श्रद्धालुओं का भरोसा और मजबूत होगा।

दान और चढ़ावे की गिनती का भी लाइव प्रसारण किया जाए

नित्यानंद राय ने यह भी मांग उठाई कि जिस प्रकार श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा के दर्शन और आरती का सीधा प्रसारण किया जाता है, उसी तरह दान और चढ़ावे की गिनती का भी लाइव प्रसारण किया जाए। उनका कहना है कि इससे श्रद्धालु स्वयं पूरी प्रक्रिया देख सकेंगे और उन्हें यह विश्वास रहेगा कि उनके द्वारा दिया गया दान पूरी पारदर्शिता के साथ मंदिर और जनहित के कार्यों में उपयोग किया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाने की मांग की है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com